काबुल की सीमा तक पहुंचा तालिबान: ‘सत्ता’ के लिए धावा बोलने की तैयारी, अमेरिका ने दूतावास पर भेजे हेलिकॉप्टर

हफ्तों तक चले संघर्ष के बाद आखिरकार तालिबान अफगानिस्तान की राजधानी तक पहुंच गया है। काबुल के बाहर इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन के लड़ाके तैनात हैं और किसी भी वक्त धावा बोल सकते हैं। तालिबान का कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से ‘सत्ता’ हाथ में लेने की प्रक्रिया पूरी करेगा और इस दौरान आम लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाई जाएगी।
इससे ठीक पहले जलालाबाद पर तालिबान के कब्जे के बाद अमेरिकी दूतावास में संवेदनशील दस्तावेज जलाए जाने की खबरें आई थीं।
काबुल की सीमा पर तालिबान
न्यूज़ एजेंसी असोसिएटेड प्रेस के मुताबिक तालिबान के लड़ाकों ने राजधानी को चारों तरफ से घेर लिया है और धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि लड़ाकों को अभी शहर के दरवाजों पर खड़े रहने के निर्देश दिए गए हैं और अंदर दाखिल होने से मना किया गया है। अमेरिका और NATO बलों की देश से वापसी के साथ ही तालिबान की रफ्तार तेज हो गई थी और अब राजधानी उनके चंगुल में फंस चुकी है।
अभी बाहर इंतजार कर रहे लड़ाके
तालिबानी प्रवक्ता के मुताबिक फिलहाल Islamic Emirates के लड़ाके राजधानी से बाहर ही रहेंगे और जब तक सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती वे अंदर दाखिल नहीं होंगे। इस दौरान काबुल की सुरक्षा की जिम्मेदारी अफगान सरकार के हाथ है। दूसरी ओर ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में राष्ट्रपति अशरफ गनी के कार्यालय के हवाले से दावा किया गया है कि काबुल पर राष्ट्रीय सुरक्षाबल का नियंत्रण है और लोगों को चिंता की जरूरत नहीं है।
‘नहीं दिया जाएगा जवाब’
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान का दावा है कि सभी नागरिकों का ध्यान रखा जाएगा और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यहां तक कहा है कि सेना को भी जवाब नहीं दिया जाएगा। तालिबान के प्रवक्ता ने अपने बयान में ‘सबको माफ’ करने की बात कही है लेकिन लोगों को सलाह दी है कि अपने घरों में ही रहें। वहीं, नागरिकों के हवाले से दावा किया गया है कि कुछ जगहों पर लड़ाके आगे बढ़ने लगे हैं।
अमेरिका ने दूतावास पर भेजे हेलिकॉप्टर
जलालाबाद पर तालिबान के कब्जे के कुछ घंटे बाद रविवार को अमेरिका के हेलीकॉप्टर यहां अमेरिकी दूतावास पर उतरे। दूतावास के निकट राजनयिकों के बख्तरबंद एसयूवी वाहन निकलते दिखे और इनके साथ ही विमानों की लगातार आवाजाही भी देखी गई। हालांकि अमेरिका सरकार ने अभी इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं दी है।
दूतावास की छत के निकट धुएं उठता देखा गया जिसकी वजह अमेरिका के दो सैन्य अधिकारियों के मुताबिक राजनयिकों द्वारा संवेदनशील दस्तावेजों को जलाना है।
खुली जगह पर जुटे आम लोग
एक ओर अमेरिका अपने दूतावासकर्मियों को निकालने के प्रयासों को तेज कर रहा है वहीं दूसरी ओर हजारों आम लोग काबुल में उद्यानों और खुले स्थानों में शरण लिए हुए हैं। काबुल में रविवार को शांति रही लेकिन कई एटीएम से नगदी निकासी बंद हो गई, निजी बैंकों के बाहर सैकड़ों की तादाद में जमा लोग अपनी जीवनभर की पूंजी को निकालने की आस लगाए एकत्रित हुए।
तालिबान ने रविवार सुबह कुछ तस्वीरें ऑनलाइन जारी कीं जिनमें उसके लोगों को नांगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद में गवर्नर के दफ्तर में देखा जा सकता है। प्रांत के सांसद अबरारुल्ला मुराद ने एसोसिएटिड प्रेस को बताया कि चरमपंथियों ने जलालाबाद पर कब्जा कर लिया है।
जलालाबाद भी तालिबान के हाथ
काबुल के अलावा जलालाबाद ही ऐसा इकलौता प्रमुख शहर था जो तालिबान के कब्जे से बचा हुआ था। अब अफगानिस्तान की केंद्रीय सरकार के अधिकार में काबुल के अलावा सात अन्य प्रांतीय राजधानी बची हैं। तालिबान ने रविवार सुबह कुछ तस्वीरें ऑनलाइन जारी कीं जिनमें उसके लोगों को नांगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद में गवर्नर के दफ्तर में देखा जा सकता है।
-एजेंसियां

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