किसी हिंदी author की औकात नहीं कि वो रायल्टी से घर चला सके

उपन्यासकार सुरेंद्र मोहन पाठक कहते हैं कि हिंदी के पाठक बढ़ नहीं रहे हैं। जो हैं वो कमिटेड पाठक हैं,

Read more