सहनशीलता, क्षमा, दया को तभी पूजता जग है…

क्रांतकारी कवि रामधारी सिंह ”दिनकर” ने कुरुक्षेत्र के तृतीय सर्ग के तीसरे भाग में लिखा है कि किस प्रकार न्याय

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रामधारी सिंह दिनकर की कविता से सेना ने दी हमले की पहली प्रतिक्रिया

आतंकवादी कैंपों पर हमले के बाद (Air strike by india) भारतीय सेना ने पहली प्रतिक्रिया व्यक्त की है. भारतीय सेना

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जयंती विशेषः समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध…

कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ को भारत का राष्ट्रकवि कहा जाता है। जिनका जन्म 23 सितंबर 1908 को वर्तमान बिहार के

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