सेना पर की गई टिप्‍पणी के लिए अरुंधति रॉय ने माफी मांगी

नई दिल्ली। लेखिका अरुंधति रॉय ने 2011 में भारतीय सेना को लेकर की गई अपनी एक टिप्पणी के लिए माफी

Read more

इक्कीस साल बाद आया अरुंधति रॉय का दूसरा उपन्यास

इक्कीस साल बाद अरुंधति रॉय अपना दूसरा उपन्यास ‘द मिनिस्ट्री ऑफ अटमोस्ट हैप्पीनेस’ लेकर आयी हैं. वर्ष 1997 में अपने

Read more

खौफनाक नकाब लगाकर देश को डराने वालों का डर!

हिंदी साहित्य के पुरोधा महावीरप्रसाद द्विवेदी का पत्रकारिता के क्षेत्र में भी बहुत बड़ा योगदान है। हिंदी पत्रकारिता जगत में

Read more
Translate »