सीरियाई सरकार ने कहा, हवाई हमले अमेरिका की कायरता

दमिश्क। सीरिया में ईरानी मिलिशिया के ठिकानों पर अमेरिकी एयरफोर्स के हवाई हमले के बाद से बवाल मचा हुआ है। सीरियाई सरकार ने इसे अमेरिका की कायरता बताते हुए जो बाइडन को जंगल के कानून पर न चलने की सलाह दी है। वहीं, ईरान ने कहा है कि वह सीरिया को समर्थन देना जारी रखेगा। कुछ दिन पहले रूस की वायुसेना ने भी सीरिया में आईएकआईएस के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी। इससे पहले पड़ोसी इजरायल भी ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर कई हवाई हमले कर चुका है।
सीरिया ने बताया कायरतापूर्ण हमला
सीरियाई विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह ईराक की सीमा के पास डेरा अल जोर में कायरतापूर्ण अमेरिकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है। बाइडन प्रशासन को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार चलना चाहिए न कि अपने पहले के प्रशासन की तरह जंगल के कानून पर। ट्रंप के कार्यकाल के दौरान सीरिया में अमेरिकी सेना ने कई हवाई और जमीनी हमले किए थे।
ईरान ने कहा, सीरिया का समर्थन करते रहेंगे
ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावद जरीफ ने सीरियाई विदेश मंत्री फैसल मेकदाद के साथ टेलीफोन वार्ता के दौरान कहा कि ईरान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सीरियाई सरकार का समर्थन करता रहेगा। समाचार एजेंसी तस्नीम की रिपोर्ट के अनुसार, जरीफ ने आतंक के खिलाफ लड़ाई को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक सीरिया के लिए विभिन्न क्षेत्रों में और सुरक्षा एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के अपने प्रयासों के तहत समर्थन जारी रखेगा।
अमेरिका ने मार गिराए थे 22 ईरान समर्थक लड़ाके
शुक्रवार सुबह पूर्वी सीरिया में अमेरिकी एयरफोर्स की एयर स्ट्राइक में ईरान समर्थक कम से कम 22 लड़ाके मारे गए थे। इससे पहले 20 फरवरी को रूसी एयरस्ट्राइक में आईएसआईएस के कम से कम 21 आतंकी मारे गए थे। ये हमले अलेप्पो, हामा और रक्का में आईएसआईएस के ठिकानों पर किए गए थे।
कई देशों के बीच जंग का मैदान बना सीरिया
आईएसआईएस के आतंकियों के हाथों तबाह हो चुका सीरिया अब दुनियाभर के शक्तिशाली देशों के बीच जंग का मैदान बनता जा रहा है। वहां रूस और अमेरिका के बीत पहले से ही तनातनी जारी है। जिसमें रूस सीरियाई सरकार का समर्थन कर रही है, वहीं अमेरिका उनका विरोध। अमेरिका ने सीरिया के अल्पसंख्यक गुट कुर्दों के सैन्य दस्तों को समर्थन दिया हुआ है। वहीं, इजरायल भी सीरिया में ईरानी मिलिशिया की मौजूदगी को खत्म करने के लिए लगातार हमले कर रहा है। तुर्की भी सीरिया में भाड़े के सैनिकों के दम पर अपने हितों को सााधने में जुटा है।
-एजेंसियां

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