स्वामी Sanand यमुना भक्तों के प्रेरणा स्रोत, श्रद्धांजलि अर्पित

मथुरा। गंगा शुद्धि के लिये हरिद्वार में अनशन कर रहे स्वामी ज्ञानस्वरूप Sanand की मृत्यु ने इस सरकार की संवेदनशीलता पर एक बड़ा प्रश्‍नचिन्ह अंकित कर दिया है । स्वयं को देष के चौकीदार होने की संज्ञा देकर, लोकसभा की देहरी पर माथा टेक कर दायित्व गृहण करने वाले भारत के प्रधानमंत्री से हुई यह अति गंभीर चूक है ।

हम सभी को पता है कि हरिद्वार स्थित मातृ सदन के गंगा शुद्धि अभियान संकल्प में यह तीसरा बलिदान है, पहला वर्श 2011, दूसरा 2013 और यह 2018 में तीसरा ! और अब मातृ सदन के परमाध्यक्ष ने इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुये गंगा शुद्धि के लिये कठोर तप की घोशणा भी करदी है । गंगा भक्त पर्यावरणविद् आईआईटी टाॅपर स्वामी सानंद की मृत्यु से सकते में आये यमुना शुद्धि के लिये निरंतर संघर्षरत मथुरा में हिन्दूवादी नेता के उपनाम से विख्यात गोपेश्‍वरनाथ चतुर्वेदी की वेदना उनके स्वर में टपक पड़ी ।

स्वामी Sanand जी को श्रद्धांजलि के अवसर पर श्री चतुर्वेदी ने उनके साथ उत्तराखण्ड सरकार के इशारे पर हुये अमानवीय व्यवहार की निन्दा करते हुये केन्द्र सरकार के निष्‍ठुर व्यवहार की भत्र्सना की । आज की स्थिति को कल्पनातीत बताते हुए श्रीचतुर्वेदी ने सभी यमुना भक्तों से गंगाजी की षुद्धि के लिये आत्मोत्सर्ग करने वाले स्वामी सानंद से प्रेरणा लेने का आवाहन किया ।

इस अवसर पर संस्थान के सं.मुख्य अधिषाशी राजीव श्रीवास्तव, विषेश कार्याधिकारी विजय बहादुर सिंह, गिर्राजशरण गौतम, भगवानस्वरूप वर्मा, नारायण राय, अनुराग पाठक आदि उपस्थित रहे ।

– Legend News

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