26 March को भारतीय सेना में शामिल होंगी स्वदेशी Dhanush तोपें

नई दिल्‍ली। Dhanush तोप जल्द ही भारतीय सेना में शामिल हो जाएगी। बोफोर्स के डिजाइन पर आधारित ये तोप पूर्ण रूप से स्वदेशी है और उससे बेहतर है।

स्वदेशी रूप से विकसित Dhanush  होवित्जर तोपें जल्द ही भारतीय सेना में शामिल हो जाएगी। ये बोफोर्स के डिजाइन पर आधारित है और अपग्रेटेड वर्जन है। 6 साल लंबे परीक्षण काल के बाद जबलपुर में गन कैरिज फैक्ट्री में 26 मार्च को इंडक्शन सेरेमनी आयोजित की जाएगी। इन 155 मिमी/45-कैलिबर तोपों में से चार को सेना की गोलाबारी में बढ़ावा देने के लिए मोर्चे पर तैनात किया जाएगा।

धनुष बंदूक प्रणाली बोफोर्स होवित्जर के डिजाइनों पर आधारित है, जिसे 1980 के दशक में सेना में शामिल किया गया था और यह K-9 वज्र और M-777 अल्ट्रा-लाइट के बाद फोर्स में शामिल होने वाली तीसरे प्रकार की आर्टिलरी गन होंगी।

सेना के अधिकारियों ने कहा, ‘धनुष तोपों को 26 मार्च को ऑर्डनेंस फैक्ट्री जबलपुर में आयोजित होने वाले एक समारोह में सेना में शामिल किया जाएगा, जहां सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।’ इसकी 38 किलोमीटर की स्ट्राइक रेंज है।

बंदूक ने 2018 में परीक्षणों को पूरा किया और 2019 में सीरीज के प्रोडक्शन के लिए अनुमोदित किया गया। भारतीय सेना ने 114 तोपों का आदेश दिया है और कुल ऑर्डर का आकार 414 तोपों तक बढ़ सकता है। मार्च 2020 तक 18 तोपों की पहली खेप पहुंचाई जाएगी, जिसके बाद ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (OFB) उत्पादन को आगे बढ़ाएगा। सेना ने इन बंदूकों के लिए लंबे समय से इंतजार किया, लेकिन विभिन्न घोटालों के कारण इसमें देरी हुई।

इसे देसी बोफोर्स कहा जाता है। हालांकि कई मामलों में ये बोफोर्स से बेहतर बताई जाती है। बोफोर्स की मारक क्षमता 29 किलोमीटर है तो इसकी 38 किलोमीटर है। बोफोर्स में ऑपरेशन ऑटोमेटिक नहीं हैं, वहीं यह स्वचालित है। ये तोप ऑटोमेटिक सिस्टम से गोला लोड कर उसे दाग सकती है। कई घंटों तक फायरिंग कर सकती है।
-एजेंसी

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