सुषमा स्‍वराज की पुण्‍यतिथि आज, पूरा देश कर रहा है याद

नई दिल्‍ली। आज पूरा देश पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को याद कर रहा है। दरअसल, लोग सुषमा स्वराज को बतौर विदेश मंत्री नहीं बल्कि संसद में खड़े होकर बड़े से बड़े नेता को चुप करा देने वाली प्रखर नेता के रूप में याद कर रहे हैं। सुषमा शब्दों की धनी नेता थी। जब वह संसद में किसी भी विषय में बोलतीं थीं तो विपक्ष भी ध्यान लगाकर सुनता था। जितनी स्पष्टता उनके शब्दों में होती थी उनका चेहरा भी उतना ही उदीयमान होता था।
पूनम महाजन ने यूं याद किया
भारतीय जनता पार्टी की सांसद और युवा मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम महाजन से सुषमा स्वराज का ऐसा ही एक वीडियो पोस्ट कर उनको याद किया है। उन्होंने लिखा है, ‘भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता, सारे भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए मातृतुल्य व्यक्तित्व, आदरणीय सुषमा स्वराज जी को प्रथम स्मृतिदिन के अवसर पर विनम्र आदरांजली!’
उन्होंने जो वीडियो पोस्ट किया है उसमें सुषमा स्वराज सुषमा स्वराज मंच से संस्कृत की महिमा का बखान करते हुए शिव तांडव स्तोत्र सुना रही हैं। जिस लय में वो स्त्रोत सुना रही हैं उसे देख मंच पर आसीन कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य भी बेहद प्रसन्न दिख रहे हैं। सुषमा स्वराज ने स्तोत्र एक हिस्सा ही पढ़ा लेकिन जिस स्पष्टता और उत्साह से उन्होंने पंक्तियां पढ़ीं वो सुनकर मौजूद लोगों ने तालियों से उन्हें शाबाशी दी।
क्या कहा था सुषमा स्वराज ने
सुषमा स्तोत्र का एक हिस्सा सुनाकर कह रही हैं कि यहां बैठे किसी पांच साल के बच्चे के सामने यदि मैं केवल ये दो श्लोक रख दूं और पूछूं कि बताओ इनमें से कौन सा रावण ने रचा होगा और कौन सा राम ने पढ़ा होगा तो वो आसानी से बता देगा कि डमड डमड डमड का श्लोक और नमामीशमीशान निर्वाण रुपं राम ने कहा होगा। ऐसी संस्कृत भाषा की वैज्ञानिकता है।
बता दें कि सुषमा पीएम नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री रही थीं। 2019 में लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीमारी के कारण चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। सुषमा के विदेश मंत्री के कार्यकाल के दौरान उनकी सक्रियता की काफी तारीफ होती थी। वह बीजेपी की दिग्गज नेता में शुमार होती थीं। सुषमा दिल्ली की सीएम भी रह चुकी थीं। अटल बिहारी वाजपेयी के पीएम रहने के दौरान वह उनके मंत्रिमंडल में भी शामिल हुई थीं।
-एजेंसियां

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