हिन्दी साहित्य सम्मेलन में Sushil Dagur सम्मानित

राष्‍ट्रभाषा स्वाभिमान न्यास गाजियाबाद की ओर से एम्प्राइज एकेडमी मथुरा के निदेशक Sushil Dagur को ‘शिक्षा भूषण सम्मान‘ से नवाजा गया। रविवार को भागीरथ पब्लिक स्कूल सभागार में राष्‍ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150वीं जयन्ती वर्ष में आयोजित ‘गाँधी, हिन्दी और पत्रकारिता‘ विषयक दो दिवसीय संगोष्‍ठी के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए गाजियाबाद महानगर निगम की महापौर श्रीमती आशा शर्मा ने कहा कि आज गाजियाबाद की भूमि तमिलनाडु, कर्नाटक आदि दक्षिण भारत के राज्यों सहित देश के सभी राज्यों के साहित्यकारों के आगमन से गौरवान्वित ही नहीं पवित्र भी हुई है।

समारोह में एम्प्राइज एकेडमी मथुरा के निदेशक Sushil Dagur को ‘शिक्षा भूषण सम्मान‘ से सम्मानित किया गया

उन्होंने कहा कि महानगर निगम का अधिकांश कार्य हिन्दी में हो रहा है और इस अधिकांश को वह शत-प्रतिशत् करेंगी।
समारोह के प्रमुख अतिथि पद्श्री मोहन स्वरूप भाटिया ने कहा कि यह विडम्बना ही है कि भारत का राष्‍ट्रगान है, राष्‍ट्रध्वज है, राष्‍ट्रीय पक्षी है किन्तु संवैधानिक रूप से हिन्दी राष्‍ट्रभाषा घोषित नहीं हुई है। आगामी चुनावों से पूर्व हिन्दी को राष्‍ट्रभाषा घोशित किए जाने की माँग प्रबलता से उठाया जाना आवश्‍यक है।

समारोह को सम्बोधित करते हुए कुलाधिपति इन्टरनेशनल रोमा कल्चरल यूनिवर्सिटी बेलग्रेड के कुलाधिपति डा॰ श्‍याम सिंह ‘शशि‘ ने आह्वान किया कि देश के अधिकांश राज्यों में हिन्दी बोली और समझी जाती है इसलिए इस विवाद रहित और न्यायोचित माँग को अविलम्ब स्वीकार किया जाना चाहिए।

समारोह में श्रीमती अनीता पाण्डेय ( हैदराबाद ), ओम प्रकाश पांडेय ( सिलीगुड़ी ), एस. ए. उस्मानी, विष्व भोजपुरी सम्मेलन के अध्यक्ष अजीत दुबे आदि साहित्यकारों, कवियों एवं पत्रकारों ने भी विचार व्यक्त किए।

समारोह में एम्प्राइज एकेडमी मथुरा के निदेशक Sushil Dagur सहित षिक्षा क्षेत्र में हिन्दी के प्रचार – प्रसार में संलग्न ग्यारह हिन्दी सेवियों को ‘शिक्षा भूषण सम्मान‘ से सम्मानित किया गया।

समारोह के संयोजक वरिष्‍ठ साहित्यकार उमाशंकर मिश्र ने राष्‍ट्रभाषा स्वाभिमान न्यास द्वारा पिछले वर्ष में प्रकाशित 15 पुस्तकों को लोकार्पण हेतु प्रस्तुत करते हूए कहा कि 26 वर्षों में न्यास द्वारा साहित्य के विभिन्न विषयों पर लगभग 500 पुस्तकों का प्रकाशन कर हिन्दी साहित्य भण्डार की अभिवृद्धि की गई है।

अखिल भारतीय हिन्दी साहित्य के 26वें अधिवेशन में विकास मिश्र, के. पी. यादव, राकेश डागुर, अशोक श्रीवास्तव, श्रीमती प्रीति भाटिया, अनादि शुकुल, अमिताभ तिवारी, एस. पी. थपलियार, अषोक ‘अश्रु‘ आदि साहित्यकार बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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