Survey: प्रत्‍येक तीन में से एक महिला को आते हैं अश्‍लील कॉल

एक ऐप द्वारा 2,150 महिलाओं पर करवाए गए Survey में सामने आया है कि देश में प्रत्‍येक तीन में से एक महिला को नियमित तौर पर अश्‍लील और अनुचित कॉल या टेक्स्ट का सामना करना पड़ता है।
इससे पता लगता है कि मोबाइल फोन एक ओर जहां जिंदगी को कई मायनों में आसान बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यही मोबाइल फोन महिलाओं के लिए उत्पीड़न की वजह बन गए हैं।
Survey में मोबाइल के कारण महिलाओं को जिस तरह के उत्पीड़न का शिकार होना पड़ रहा है उसकी एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। इस Survey में पीड़ित महिलाओं पर इन कॉल्स व मेसेज से होने वाल असर के बारे में भी बताया गया है। उत्पीड़न के इरादे से किए गए कॉल्स के अलावा महिलाओं को बैंक, फाइनैंशल इंस्टिट्यूशंस और कॉल सेंटर्स आदि के भी परेशान कर देने वाले कॉल्स को भी झेलना पड़ता है।
कितनी बार आते हैं ऐसे कॉल्स
Survey में शामिल की गई महिलाओं में से करीब 50 प्रतिशत महिलाओं को अनुपयुक्त व सेक्शुअल कन्टेन्ट से जुड़े कॉल हर सप्ताह में एक बार आए, वहीं 9 प्रतिशत महिलाओं ने माना कि उन्हें ऐसे कॉल्स का रोज सामना करना पड़ता है। इन कॉल्स का प्रतिशत काफी ज्यादा है लेकिन यह पिछले साल के मुकाबले कम है, जो दिखाता है कि महिलाएं इस तरह के कॉल्स से निपटने के लिए ज्यादा कदम उठा रही हैं।
किसने किया कॉल
सभी कॉल अनजान लोगों द्वारा नहीं किए गए थे। इस तरह के कॉल करने वालों में वे लोग भी शामिल थे जो या तो पीड़िता को जानते थे या फिर उन्हें स्टॉक करते थे।
कुल कॉल्स में से 74 % – अनजान कॉलर
23 % – स्टॉकर द्वारा किए गए कॉल/मेसेज (यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 11% कम है)
11 % – जान पहचान के व्यक्ति द्वारा किए गए कॉल/मेसेज थे।
ठगी के लिए कॉल
Survey में शामिल हुईं 53 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं ने माना कि उन्हें जालसाजी व ठगी से जुड़े कॉल किए गए।
ब्लैंक कॉल्स उत्पीड़न हैं या परेशानी?
ज्यादातर महिलाओं ने ब्लैंक कॉल्स को उत्पीड़न माना। सर्वे में ब्लैंक कॉल्स को ‘अनजान फोन कॉल्स जिन्हें धमकाने, उत्पीड़न और कॉलर को परेशान करने के इरादे से किया गया हो’ के रूप में परिभाषित किया गया। इन परिभाषा में सेल्स या फिर ठगी के लिए किए जाने वाले कॉल्स शामिल नहीं हैं।
इन कॉल्स का महिलाओं पर क्या प्रभाव पड़ा
करीब पांच में से हर चार महिलाओं ने कहा कि इस तरह के कॉल्स के कारण उन्हें गुस्सा और चिड़चिड़ाहट महसूस हुई जबकि तीन में से एक महिलाएं इनसे ज्यादा प्रभावित और परेशान हुईं। इसने उन्हें डर और चिंता में डाला। उत्पीड़न के इरादे से हुए इन कॉल्स से प्रभावित महिलाओं की संख्या पिछले वर्ष से अधिक हो गई है, जो दिखाता है कि मानसिक स्वास्थ्य पर इस तरह के कॉल्स का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
-एजेंसियां

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