Survey: चार साल बाद भी 56 फीसदी लोगों ने मोदी सरकार में अपना भरोसा जताया

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार को 4 साल भी पूरे हो रहे हैं। एक Survey में 56 फीसदी लोगों ने मोदी सरकार में अपना भरोसा जताया है। इनका कहना है कि सरकार अपने वादों को पूरा करने के लिए सही दिशा में काम कर रही है।
कर्नाटक चुनाव के नतीजे मंगलवार को आ रहे हैं। इस बीच किए गए एक कम्युनिटी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा किए गए Survey में प्रत्येक 10 में से 6 लोगों का मानना है कि मोदी सरकार उम्मीदों पर खरी उतरी है या उससे आगे बढ़कर काम किया है।
Survey में शामिल करीब तीन-चौथाई लोगों ने पाकिस्तान से निपटने में सरकार की कार्यशैली का समर्थन किया है।
54 फीसदी से ज्यादा लोगों का कहना है कि टैक्स टेररेज़म घटा है और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना सफल रही है। लोकल सर्कल्स ने अपनी सर्वे रिपोर्ट में कहा है, ‘4 साल के कार्यकाल में 56% नागरिकों का मानना है कि चुनाव से पहले घोषणापत्र में किए गए अपने वादों को पूरा करने के लिए सरकार सही ट्रैक पर काम कर रही है जबकि पिछले साल के सर्वे में ऐसे लोगों का आंकड़ा 59% था।’
Survey के मुताबिक आमतौर पर राजनीतिक प्रतिष्ठानों या सत्तारूढ़ पार्टी के प्रति लोगों की अपेक्षाएं तेजी से घटती हैं। ऐसे में सरकार के लिए ये आंकड़े अच्छे संकेत हैं। इसी आउटफिट द्वारा पिछले 2 वर्षों में किए गए सर्वे में सामने आया है कि सरकार के प्रदर्शन पर लोगों का भरोसा बहुत अधिक नहीं घटा है। एजेंसी के अनुसार 2016 पोल में करीब 64 फीसदी लोगों का मानना था कि सरकार अच्छा काम कर ही है, इस साल यह आंकड़ा 57 फीसदी रहा।
सांसदों से संतुष्‍ट नहीं जनता
Survey में शामिल लोगों की एक आम शिकायत है कि स्थानीय सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास और समस्याओं को दूर करने में ज्यादा सक्रिय नहीं रहे।
लोक सभा चुनाव से एक साल पहले यह Survey भले ही सरकार को एक सुखद अहसास कराए पर कमियों को दूर करने पर भी ध्यान देना होगा।
इन पर ध्यान देना होगा
इस Survey में करीब 23 क्षेत्रों के बारे में भी जानकारी सामने आई है, जिसमें लिविंग कॉस्ट बढ़ना, सांप्रदायिक मामलों को प्रभावी तरीके से हैंडल न कर पाना, बेरोजगारी दूर करने के लिए सरकार को और अधिक प्रयास करने की जरूरत के साथ-साथ बच्चों व महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकना शामिल है।
GST, नोटबंदी पर राहत
सकारात्मक पहलू देखें तो GST के कारण कीमतों में ज्यादा वृद्धि दिखाई नहीं देती। करीब 32 फीसदी लोगों का कहना है कि GST लागू होने के बाद उनका महीने का खर्च या कीमतें घटी हैं जबकि 60 फीसदी लोगों का कहना है कि उन्होंने कीमतों में कोई बदलाव महसूस नहीं किया।
Survey का कहना है, ‘इसका मतलब यह है कि GST और नोटबंदी के बाद कुछ हद तक कीमतें स्थिर रही हैं।’ इसे सरकार के लिए बड़े सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि सरकार के इन फैसलों की विपक्ष ने काफी आलोचना की थी।
-एजेंसी

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