आर्थिक मदद पर कैंची चलने से हैरान पाकिस्‍तान के पीएम ने ट्रंप को झूठा बताया

इस्लामाबाद। अमेरिका की तरफ से मिली रही आर्थिक मदद पर कैंची चलने से खुद को हैरान बताते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने कहा है कि वॉशिंगटन की मदद बहुत छोटी थी और आतंकवाद से लड़ाई के मामले में उनका देश सबसे आगे है।
‘गार्डियन’ को दिए इंटरव्यू में अब्बासी ने कहा कि अमेरिका द्वारा 2 अरब डॉलर की मदद पर रोक लगाने वाली रिपोर्ट्स हक्का-बक्का करने वाली हैं क्योंकि पाकिस्तान को जो कुल आर्थिक मदद मिली है, वह असल में इसका बहुत छोटा हिस्सा है।
अब्बासी ने इस्लामाबाद में अपने दफ्तर में कहा, ‘मुझे पक्का नहीं पता की कौन से अमेरिकी मदद की बात यहां की जा रही है। बीते 5 सालों में अमेरिका की तरफ से 1 करोड़ डॉलर प्रति वर्ष मदद मिली है। यह बहुत-बहुत छोटी राशि है इसलिए जब मैंने अखबार में पढ़ा कि अमेरिकी सहायता राशि 25 करोड़ या 50 या 90 करोड़ डॉलर को रोक दिया गया है तो हमें इस मदद के बारे में पता तक नहीं था।’
बता दें कि डॉनल्ड ट्रंप ने नए साल में अपने पहले ही ट्वीट से सीधे पाकिस्तान पर निशाना साधा था और आतंकवाद के मुद्दे पर झूठ बोलने-धोखा देने के बदले मदद पर रोक लगाने की चेतावनी दी थी।
ट्रंप ने ट्वीट किया था, ‘वे (पाकिस्तान) उन आतंकियों को सुरक्षित पनाह देते हैं और हम अफगानिस्तान में खाक छानते हैं। अमेरिका ने मूर्खतापूर्ण बीते 15 सालों में पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर की सहायता दी।’
यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डिवेलपमेंट के मुताबिक अमेरिका ने 2016 में पाकिस्तान को 77.8 करोड़ डॉलर की मदद दी है, जिसमें से 35 प्रतिशत सैन्य सहायता के तौर पर दिए गए थे। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि यह राशि असल में मिली राशि से बहुत कम है और जल्द ही वे अपना पक्ष भी रखेंगे।
बीते साल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने अब्बासी ने आतंक पर दोहरा रवैया अपनाने का ट्रंप के आरोपों को भी झूठ कहकर खारिज कर दिया। अब्बासी ने कहा, ‘पाकिस्तान एक संप्रभु देश है और उसने हमेशा अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन किया है। आज आतंकवाद के खिलाफ दुनिया में सबसे बड़ी लड़ाई हम लड़ रहे हैं। हम आतंक के खिलाफ अपने संसाधनों के बल पर लड़ रहे हैं। दुनिया को इसकी सराहना करनी चाहिए।’
अब्बासी ने कहा, ‘आज हम आतंकवाद से लड़ रहे हैं इसलिए अगर कोई यह कहे कि हम आतंकवादियों को पनाह दे रहे हैं तो इससे बड़ा झूठ नहीं हो सकता। हमने हर स्तर पर अमेरिका के साथ सहयोग किया।’
-एजेंसी