संस्कृति यूनिवर्सिटी के सुरेन्द्र सिंह को मिस्टर मथुरा बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशिप में मिला दूसरा स्थान

मथुरा। शरीर सौष्ठव यानि body building एक खेल ही नहीं बल्कि साधना है। जो साधक शरीर के प्रति सचेत रहता है वही सफलता के आयाम स्थापित करता है। मथुरा बॉडी बिल्डिंग एण्ड फिटनेस एसोसिएशन द्वारा आयोजित मिस्टर मथुरा बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशिप में संस्कृति यूनिवर्सिटी के बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष के छात्र सुरेन्द्र सिंह ने दूसरा स्थान हासिल किया। इस चैम्पियनशिप में दो दर्जन से अधिक शरीर साधकों ने अपने शारीरिक कौशल का प्रदर्शन किया।

मथुरा बॉडी बिल्डिंग एण्ड फिटनेस एसोसिएशन द्वारा गत दिवस मिस्टर मथुरा बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशिप का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के दो दर्जन से अधिक शरीर साधकों ने अपनी शारीरिक अधोसंरचना का शानदार आगाज किया। कई चरणों में हुई बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशिप में शिरकत करने वाले शरीर साधकों ने मंच पर विभिन्न पोज दिए और संगीत की धुन पर मसल्स का खूबसूरती के साथ प्रदर्शन किया। संस्कृति यूनिवर्सिटी के बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष के छात्र सुरेन्द्र सिंह ने भी अपनी मसल्स से दर्शकों को तालियां पीटने को मजबूर किया। सुरेन्द्र सिंह मिस्टर मथुरा तो नहीं बन सके लेकिन फिटनेस में दूसरा स्थान हासिल कर अपने सुनहरे भविष्य के संकेत जरूर दिये।

सुरेन्द्र सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने गुरू को दिया और कहा कि उनकी कठोर साधना का ही नतीजा है कि आज मैं इस मुकाम पर पहुंच पाया हूं। सुरेन्द्र का कहना है कि मिस्टर मथुरा और मेरे बीच जोरदार मुकाबला हुआ। हम लोगों के करतबों को देखकर उपस्थित दर्शकों ने भी ताली बजाकर स्वागत किया। सुरेन्द्र कहते हैं कि मुझे बचपन से ही शरीर सौष्ठव से लगाव रहा है। इस खेल में बहुत ही साधना की जरूरत होती है।

संस्कृति यूनिवर्सिटी के उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने कहा कि खेल कोई भी हो जब तक कड़ा अभ्यास नहीं किया जाएगा तब तक सफलता नहीं मिल सकती। श्री गुप्ता ने कहा कि आज के समय में शिक्षा के साथ खेलों का भी विशेष महत्व है। छात्र-छात्राएं खेलों में भी अपना करियर बना सकते हैं। खेलों से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि हमेशा मानसिक ताजगी भी बनी रहती है।

body building जैसे प्रतिस्पर्धी खेल में सुरेन्द्र की यह सफलता काबिलेतारीफ है। संस्कृति यूनिवर्सिटी परिवार चाहता है कि सुरेन्द्र शरीर सौष्ठव में राज्य और देश का न केवल प्रतिनिधित्व करें बल्कि नित नए कीर्तिमान भी स्थापित करें। संस्थान के कार्यकारी निदेशक पी.सी. छाबड़ा ने body building के लिए  सुरेन्द्र को शाबासी देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »