वृंदावन में सूरदास महोत्सव, जुड़ेंगे देश-विदेश के कलाकार: गीतांजलि

मथुरा। सूरदास महोत्सव के आयोजन से पूर्व अंतरराष्ट्रीय कथक नृत्यांगना एवं ब्रज की लाड़ली गीतांजलि शर्मा ने गोवर्धन के परसोली में स्थित सूरदास जी की साधना स्थली पर दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण कर सूरदास महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सूरदास जी का आह्वान किया। कान्हा की नगरी में होने जा रहे विगत वर्षों की भांति इस वर्ष हो रहे सूरदास महोत्सव के सफल आयोजन के लिये संत शिरोमणि सूरदास जी को नमन करते हुऐ कार्यक्रम के सफल आयोजन की प्रार्थना की।

सूर कुटी पर कथक नृत्यांगना गीतांजलि शर्मा

सूर कुटी पर गीतांजलि शर्मा व उनके समूह ने भजनों का गायन भी किया, कृष्णा कांत शर्मा ने सबसे पहले “एसो चटक रंग डारो श्याम ने” भजन से शुरुआत की जिसके बाद गीतांजलि शर्मा ने ”मईया मोरी मैं नहीं माखन खायो” भजन सूरदास जी को समर्पित किया, इसके उपरांत साधना गोस्वामी ने ”अंखियाँ हरि दर्शन की प्यासी” से उपस्थित सभी का मन मोह लिया ।

गीतांजलि ने भाव विभोर होते हुए कहा कि में गोवर्धन की बिटिया हूँ और बचपन से ही सूरदास जी के चरणों में एक छोटा सा प्रयास करना चाहती थी, जिस दिशा में इस वर्ष भी वृंदावन में 10 वा 11 मार्च को सूरदास महोत्सव का आरंभ होगा।

गीतांजलि शर्मा ने कहा कि सूरदास जी को ज़्यादातर भक्त कवि के रूप में ही जानते हैं किंतु बहुत सारे आधुनिक विद्वानों का मत यह भी है कि सूरदास जी लोकहितकारी व स्त्रीवादी चेतना भी उनकी पीड़ा का विषय था, सूरदास महोत्सव की स्थापना के पीछे सुर की यह चेतना मुख्य आकर्षण का विषय है। गीतांजलि का यह कहना है कि संगीत व नृत्य के माध्यम से सुर की व्यापक दृष्टि के प्रत‍ि हम अपना सम्मान प्रस्तुत कर रहे हैं। सूरदास महोत्सव के माध्यम से देश व विदेशों के जाने माने नृत्य व संगीत गुरु इस आयोजन में अपनी प्रस्तुति देंगे ।

आने वाले समय में यह महोत्सव शास्त्रीय संगीत व नृत्य जगत के महोत्सवों में से एक प्रमुख महोत्सव के नाम से जाना जायेगा और यह महोत्सव पूरे विश्व में विस्तारित होकर बुलंदियाँ छुएगा, सूरदास महोत्सव के प्रथम दिन पद्मश्री अनूप जलोटा अपनी प्रस्तुति देंगे।

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, डॉक्टर मुकेश आर्य बंधु समेत कई प्रमुख हस्तियों ने आयोजन के लिए शुभकामनायें देते हुए कहा कि ब्रज की पावन धरा पर भव्य महोत्सव का आयोजन सफल हो और इस से सभी बृजवासी जुड़े ।

सूरकुटी पर मुख्यरूप से गीतांजलि शर्मा, कृष्णकांत शर्मा, साधना गोस्वामी, वृषभान गोस्वामी, माधव शास्त्री, रश्मी शर्मा, दीक्षा सिंह, अक्षिता सिंह, दीपेश राजपाल आदि उपस्थित रहे।
– Legend News

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