सुप्रीम कोर्ट ने Unitech प्रबंध निदेशकों से वापस लीं सारी सुविधाऐं

Unitech प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा और अजय चंद्रा तिहाड़ जेल में जी रहे थे आलीशान जिंदगी

नई दिल्‍ली। Unitech प्रबंध निदेशकों से सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए सारी सुविधाऐं वापस ले ली हैं। Unitech के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा और अजय चंद्रा धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद हैं। चंद्रा बंधुओं को तिहाड़ जेल में मिल रही सभी विशेष सुविधाओं को सुप्रीम कोर्ट ने वापस ले लिया है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने तिहाड़ जेल में आराम के सारे साज-ओ-सामान उपलब्ध होने पर सख्त टिप्पणी की थी। इस मामले में मीडिया रिपोर्ट्स को संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि क्या तिहाड़ जेल में समानांतर व्यवस्था चल रही है?

दरअसल मीडिया में खबर आई थी कि धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद यूनिटेक के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा और अजय चंद्रा के लिए जेल आरामगाह बन चुकी है। उनकी बैरक में ऐशो-आराम के सारे सामान मौजूद होने की बात सामने आयी थी। चंद्रा बंधुओं की बैरक के अंदर विलासितापूर्ण जिंदगी की तस्वीरों को 16 नवंबर 2018 को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) ने दिल्ली हाई कोर्ट के सामने पेश की थीं।

जेल में ये सुविधाएं भोग रहे हैं चंद्रा बंधु
एएसजे ने रिपोर्ट में बताया था कि चंद्रा बंधुओं की बैरक में एक अलग ऑफिस है, जिसमें कंप्यूटर लगे हैं और उसमें इंटरनेट की सुविधा और प्रिंटर भी है। घरेलू सामान के साथ गद्दे, सरसों का तेल, फुटमैट, एक्वाफिना मिनरल वॉटर समेत अन्य सामान मौजूद है। हालांकि, चंद्रा बंधुओं ने कहा था कि मिनरल वॉटर जेल कैंटीन से लाए थे, जबकि न्यायिक अधिकारी ने पाया कि जेल कैंटीन में सिर्फ बिसलेरी वॉटर ही बेचा जा रहा था। चंद्रा बंधुओं ने बाहर की दुर्गध को रोकने के लिए अपनी बैरक के चारों तरफ स्टील के जाल का घेरा बनाया था, जिसे कंबल व बोर्ड से ढका गया था।

जेल मैनुअल के अनुसार इस तरह के सामान रखने की अनुमति नहीं है। रिपोर्ट में महानिदेशक (डीजी) जेल व जेल अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने की सिफारिश की गई थी।

कैदियों ने लगाया था आरोप
25 कैदियों का आरोप था कि एक तरफ जहां उन्हें पर्याप्त पानी, खाना, फल, चिकित्सकीय उपचार व अन्य जरूरी सामान नहीं मिलता, वहीं दूसरी तरफ वाइट कॉलर अपराध करने वाले चंद्रा बंधु को छोटी सी बीमारी होने पर विशेषज्ञों से चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्हें स्मार्ट फोन, घर का खाना, टीवी व आसानी से परिजनों से मिलने की सुविधा दी जा रही है। दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले में एक जनहित याचिका भी दाखिल की गई थी।

सितंबर 2017 में गिरफ्तार किये गए थे चंद्रा बंधु
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के हाउसिंग प्रोजेक्ट में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश रचने के मामले में दिल्ली की एक अदालत के आदेश पर चंद्रा बंधुओं को सितंबर 2017 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में बंद हैं। तिहाड़ के 25 कैदियों की शिकायत पर एएसजे रमेश कुमार-2 ने 4 सितंबर को जेल का निरीक्षण किया था।
-एजेंसी

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