रात में दाखिल होने वाली याचिकाओं पर Supreme court सख्ती बरते

नई दिल्‍ली। Supreme court परिसर में बुधवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन किया गया जिसमें कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपने भाषण में कहा कि न्यायपालिका की बड़ी भूमिका है, हर व्यक्ति जानता है कि उसके अधिकार सुरक्षित हैं लेकिन रात में दाखिल होने वाली याचिकाओं पर कोर्ट सख्ती बरते, ये देखें कि उसकी उदारता का गलत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा।

इस मौके पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने तिरंगा फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत की।

Supreme court के चार जजों की ओर से 12 जनवरी को किए गए प्रेस कांफ्रेंस पर करीब 7 महीने बाद चुप्पी तोड़ते हुए इशारों-इशारों में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि किसी भी संस्थान की आलोचना करना या नष्ट करने की कोशिश करना आसान है, जबकि संस्थान को आगे ले जाना और अपनी निजी आकांक्षाओं को परे रखकर संस्थान को आगे बढ़ाना मुश्किल काम है और वो हम करते रहेंगे।

चीफ जस्टिस ने कहा कि मैं कानून मंत्री की बातों से सहमत नहीं हू्ं, जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई लड़ी उन्होंने आपकी प्रशंसा के लिए ये नहीं किया. वो अपने देश और अधिकारों के लिए लड़े। चीफ जस्टिस ने कहा कि आज जश्न का मौका है इसलिए इसे मनाया जाए और तय किया जाए कि हम कभी न्याय की देवी की आंखों में आंसू नहीं आने देंगे।

दरअसल, भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था जब देश की सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों ने प्रेस कांफ्रेंस की थी और देश की जनता के सामने अपनी बात रखी थी। इन जजों ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। जस्टिस चेलामेश्वर (अब सेवानिवृत्त) ने कहा था कि आज हम इसलिए सामने आए कि आज से 20 साल बाद कोई यह ना कह दे कि क्या इन चार जजों ने अपनी अंतरआत्मा बेच दी थी।

प्रेस कांफ्रेंस करने वाले सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जज थे जस्टिस जस्ती चेलामेश्वर, जस्टिस रंगन गोगोई, जस्टिस मदन बी. लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ।

वहीं सुप्रीम कोर्ट में स्वतंत्रता दिवस समारोह में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और अर्टनी जनरल केके वेणुगोपाल मौजूद रहे। चीफ जस्टिस और कानून मंत्री की मौजूदगी में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने अपने भाषण में कहा कि सुप्रीम कोर्ट में काफी भीड़ होती जा रही है, जिरह करने वाले वकील को जज तक पहुंचने में दिक्कत आती है। भीड़ कम करने के लिए Supreme court मेें मुकदमों की लाइव स्ट्रीमिंग अच्छा कदम हो सकता है।
-एजेंसी

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