सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई Dati maharaj की याचिका, दुष्कर्म के आरोप की जांच करेगी सीबीआई

नई दिल्‍ली। अपनी ही शिष्या से दुष्कर्म के आरोप में फंसे Dati maharaj को आज सुप्रीम कोर्ट ने भी तगड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दाती महाराज की एक याचिका को खारिज करते हुए उन्हें किसी भी तरह की राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। इसके बाद से उनकी गिरफ्तारी की संभावनाएं एक बार फिर मजबूत हो गई हैं।
मामले में ठीक से कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की अपील की थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने आदेश दे दिया था कि सीबीआई की जांच कराई जाए। इसके बाद दाती महाराज ने उच्च न्यायालय के इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी।

Dati maharaj की उसी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया। यानी अब दाती महाराज रेप केस की जांच सीबीआई करेगी और यही वजह है कि माना जा रहा है कि दाती महाराज गिरफ्तार भी हो सकते हैं।

दाती मदन लाल उर्फ दाती महाराज के खिलाफ सात जून को एक महिला द्वारा यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस मामले में 11 जून को एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने 22 जून को आरोपी से पूछताछ की थी। दाती महाराज की एक शिष्या ने उन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने दिल्ली और राजस्थान में अपने आश्रमों में उसके साथ बलात्कार किया है। आरोपी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया है कि इसमें उसे फंसाया गया है।

दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाने में दाती महाराज और उनके तीन भाइयों और एक महिला के खिलाफ यह शिकायत दर्ज कराई गई थी। बाद में इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी। हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच पर असंतोष व्यक्त करते हुए इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया था। दूसरी ओर, पुलिस ने दावा किया था कि महिला के बयान में विसंगतियां और विरोधाभास होने की वजह से ही दाती महाराज को गिरफ्तार नहीं किया गया।

पुलिस का कहना था कि शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने एक अन्य महिला का भी यौन शोषण किया था परंतु पूछताछ के दौरान उसने इससे इनकार किया था। इससे पहले, एक निचली अदालत ने भी इस मामले की जांच के तरीके पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया था। अदालत ने कहा था कि जांच अधिकारी इस बात का जवाब नहीं दे सके कि उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए क्या प्रयास किए थे कि जांच के दौरान आरोपी फरार नहीं हो सके।

-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »