भाजपा की रथयात्रा petition पर तुरंत सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

भाजपा ने इस petition में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के तीन जिलों में रथ यात्रा के आयोजन की अनुमति के लिये भारतीय जनता पार्टी की petition पर शीघ्र सुनवाई से सोमवार को इंकार कर दिया। भाजपा ने इस petition में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है। इस petition से जुड़े वकील ने बताया कि उन्हें शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री ने सूचित किया है कि यह प्रकरण सामान्य प्रक्रिया में ही सूचीबद्ध किया जायेगा। राज्य सरकार पहले ही सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर चुकी है। पश्चिमी बंगाल बीजेपी के वकील ने कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग की है। बीजेपी के वकील कबीर शंकर बोस ने आजतक संवाददाता से खास बातचीत में बताया पूरा मामला।

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के उपाध्यक्ष जेपी मजूमदार ने इसपर कहा, “यह संविधान का सरल प्रावधान है कि किसी भी राजनीतिक पार्टी को राजनीतिक आंदोलन करने और अपने विचारों का प्रचार करने का मूल अधिकार प्राप्त है।”

इससे पहले भाजपा ने कहा था कि राज्य में प्रस्तावित रथ यात्रा कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगने के वास्ते वह सुप्रीम कोर्ट जाएगी। पश्चिम बंगाल में भगवा पार्टी के महत्वाकांक्षी रोड शो को उस वक्त झटका लगा था जब कोलकाता हाईकोर्ट की खंड पीठ ने रोड शो को अनुमति देने वाले एकल पीठ के फैसले को रद्द कर दिया था।

पश्चिम बंगाल भाजपा इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा था, “हमने सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय किया है। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हम अंत तक लडेंगे। तृणमूल कांग्रेस सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हमारी रथ यात्रा नहीं हो पाए।”

शीर्ष अदालत इस समय शीतकालीन अवकाश की वजह से एक जनवरी तक बंद है।

भाजपा ने उच्च न्यायालय की खंडपीठ के शुक्रवार के आदेश को चुनौती दी है जिसने रथयात्रा की अनुमति देने संबंधी एकल न्यायाधीश का आदेश निरस्त कर दिया था। भाजपा ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत ये रथ यात्रायें आयोजित करना चाहती है। 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा इस रथ यात्रा के माध्यम से पश्चिम बंगाल के 42 संसदीय क्षेत्रों में पहुंचने का प्रयास कर रही है।

मूल कार्यक्रम के तहत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बंगाल के कूच बिहार जिले से सात दिसंबर को इस रथ यात्रा की शुरूआत करने वाले थे। इसके बाद यह रथयात्रा नौ दिसंबर को दक्षिणी 24 परगना के काकद्वीप और 14 दिसंबर को बीरभूम में तारापीठ मंदिर से शुरू होनी थी।

-एजेंसी

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