CVC शरद कुमार की नियुक्ति के खिलाफ याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज़

नई दिल्‍ली। CVC शरद कुमार की नियुक्ति के खिलाफ याचिका आज सुप्रीम कोर्ट ने खारिज़ कर दी, याचिकाकर्ता राम दास की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण का कहना था कि सरकार ने विज्ञापन में 62 की आयु सीमा रखी थी, लेकिन शरद कुमार के अधिक उम्र होने के बावजूद भी उन्हें चुना गया।

एनआईए के पूर्व प्रमुख शरद कुमार को केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) में सतर्कता आयुक्त नियुक्त करने के फैसले के खिलाफ दायर जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

दरअसल याचिकाकर्ता राम दास की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण का कहना था कि सरकार ने विज्ञापन में 62 की आयु सीमा रखी थी, लेकिन शरद कुमार के अधिक उम्र होने के बावजूद भी उन्हें चुना गया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका ठुकराते हुए कहा कि केंद्रीय सतर्कता आयोग एक्ट में उम्र की शर्त नहीं है और विज्ञापन के चलते जो आवेदन न कर पाया वह सुप्रीम कोर्ट आ सकते है।

दरअसल, केंद्रीय सतर्कता आयोग में एक मुख्य सतर्कता आयुक्त और 2 सतर्कता आयुक्त होते हैं। केवी चौधरी फिलहाल केंद्रीय सतर्कता आयुक्त हैं और टीएम भसीन दूसरे सतर्कता आयुक्त हैं। एनआईए के पूर्व प्रमुख शरद कुमार 1979 बैच के हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वह आतंकवाद रोधी जांच संगठन राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का चार सालों तक नेतृत्व करने के बाद बीते साल सितंबर में सेवानिवृत्त हुए थे। एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक कुमार को केंद्रीय सतर्कता आयोग में चार साल की अवधि या जब तक वह 65 वर्ष के न हो जाएं तब तक के लिये सतर्कता आयुक्त नियुक्त किया गया है।

आपको बता दें कि यह पद फरवरी से रिक्त था। नियमों के मुताबिक कुमार का कार्यकाल अक्टूबर 2020 को खत्म होगा। आयोग में एक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और दो सतर्कता आयुक्त होते हैं। केवी चौधरी फिलहाल केंद्रीय सतर्कता आयुक्त हैं और टीएम भसीन दूसरे सतर्कता आयुक्त हैं। शरद कुमार 1979 बैच के हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वह बीते साल सितंबर में सेवानिवृत्त हुए थे। ​शरद कुमार आतंकवाद रोधी जांच संगठन राष्ट्रीय जांच एजेंसी का चार सालों तक नेतृत्व कर चुके हैं।
-एजेंसी

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