सुप्रीम कोर्ट ने राजीव दहिया को अवमानना का दोषी ठहराया, सजा का ऐलान 7 को

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने NGO ‘सुराज इंडिया ट्रस्ट’ के अध्यक्ष राजीव दहिया को अवमानना का दोषी ठहराया है। दरअसल, धड़ाधड़ 64 जनहित याचिकाएं दाखिल करने पर देश की सबसे बड़ी अदालत ने उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था, पर वह फैसले के खिलाफ वापस कोर्ट पहुंच गए। इस पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, ‘जब पूरी स्वतंत्रता के बावजूद हर समय याचिका दाखिल करने वाले वादी सभी पर कीचड़ उछालकर अपने अस्तित्व को जायज ठहराना चाहते हैं तो अदालत को हस्तक्षेप करना होता है।’ दहिया की याचिका में शीर्ष अदालत के 2017 के फैसले को रद्द करने की मांग की गई है जिसमें उन पर जुर्माना लगाया गया था। आइए जानते हैं कौन हैं राजीव दहिया, जिन पर बरस पड़ा सुप्रीम कोर्ट।
पहले जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हमारा मानना है कि अवमानना करने वाला शख्स स्पष्ट तौर पर अदालत की आवमानना का दोषी है और अदालत को नाराज करने के उसके कदम को स्वीकार नहीं किया जा सकता।’ न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ ने कहा कि NGO सुराज इंडिया ट्रस्ट के अध्यक्ष राजीव दहिया अदालत, प्रशासनिक कर्मियों और राज्य सरकार समेत सभी पर कीचड़ उछालते रहे हैं। पीठ ने कहा, ‘अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति एक संवैधानिक अधिकार है जिसे विधायी अधिनियम से भी छीना नहीं जा सकता।’
SC ने दहिया को नोटिस जारी किया और उसे सात अक्टूबर को सजा सुनाने के दौरान अदालत में मौजूद रहने का निर्देश दिया। धन का भुगतान करने के संबंध में पीठ ने कहा कि यह भू-राजस्व के बकाया के रूप में लिया जा सकता है।
दहिया ने क्या कहा
सुप्रीम कोर्ट ने दहिया को अदालत की अवमानना का नोटिस जारी करते हुए पूछा था कि अदालत को नाराज करने की कोशिश के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। इस पर दहिया ने कोर्ट को बताया कि उनके पास जुर्माना भरने के लिए संसाधन नहीं हैं और वह दया याचिका लेकर राष्ट्रपति के पास जाएंगे। SC दहिया की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें उन्होंने न्यायालय के 2017 के आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया है। कोर्ट ने 2017 में दिए आदेश में उन्हें बिना किसी सफलता के इतने वर्षों में 64 जनहित याचिकाएं दायर करने और शीर्ष न्यायालय के न्यायाधिकार क्षेत्र का ‘बार-बार दुरुपयोग’ करने के लिए 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
कौन हैं राजीव दहिया
राजीव दहिया राजस्थान के Suraz India Trust के प्रमुख हैं। वह पिछले कई सालों में अपने जनहित याचिकाओं के लिए सुर्खियों में रहे हैं। कहा जाता है कि वह चर्चा में आने के लिए PIL दाखिल करते हैं। एक दो नहीं, 64 पीआईएल दाखिल कर चुके हैं और एक में भी सफलता नहीं मिली। वह जज और कोर्ट से संबंधित मामलों पर भी सवाल उठाते आए हैं। यही वजह है कि 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दहिया क्या यह बता पाएंगे कि उनकी 64 में से एक भी पाआईएल में किसी जज को कोई आधार क्यों नहीं दिखा।
राजीव दहिया में परिपक्वता की कमी झलकती है और कोर्ट की टिप्पणियों से साफ है कि उन्हें कानूनी मामलों की बेसिक समझ भी नहीं है पर वे PIL लेकर पहुंच जाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में जुर्माना ही नहीं लगाया था बल्कि आजीवन उनके ऐसी याचिकाएं दाखिल करने पर बैन भी लगा दिया था।
-एजेंसियां

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