राम मंदिर मामले की सुनवाई के सीधे प्रसारण को सुप्रीम कोर्ट ने रजिस्ट्री से पूछा, व्यवस्था बनाने में कितना वक्त लगेगा

नई दि‍ल्ली। राम मंदिर मामले की सुनवाई के सीधे प्रसारण की मांग वाली याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। शीर्ष अदालत ने अयोध्या केस की रोजाना सुनवाई के 24वें दिन रजिस्ट्री को नोटिस जारी कर पूछा है कि आखिर सीधे प्रसारण की व्यवस्था बनाने में कितने दिनों का वक्त लगेगा। आरएसएस के पूर्व विचारक केएन गोविंदाचार्य की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यह नोटिस जारी किया है। हालांकि इस मांग का मुस्लिम पक्ष सुन्नी वक्फ बोर्ड ने विरोध किया है।
इस बीच 23 दिन की सुनवाई के बाद अब एक बार फिर से मध्यस्थता की पहल शुरू करने की कोशिश है। हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों की तरफ से पत्र लिखकर अपील की गई है कि वे कोर्ट के बाहर बातचीत के जरिए मुद्दे को सुलझाना चाहते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि कुछ महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता की पहल भी की थी पर 155 दिनों की कोशिश असफल रही और अब मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
सुप्रीम कोर्ट में अब तक हिंदू पक्ष की दलीलें पूरी हो चुकी हैं और मुस्लिम पक्ष अपनी बातें रख रहा है। आपको बता दें कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्वाडी अखाड़े ने बातचीत के जरिए मामले का समाधान करने की इच्छा जताई है।
-एजेंसियां

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