यूपी सरकार ने 2019-20 के लिए पेश किया अनुपूरक बजट

लखनऊ। विधानमंडल के मॉनसून सत्र में मंगलवार को यूपी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 13,594 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने बजट पेश करते हुए उम्मीद जताई कि इससे प्रदेश के विकास को तेज रफ्तार मिलेगी। बजट का पूरा जोर प्रदेश में चल रहीं इंफ्रास्ट्रक्चर की परियोजनाओं को रफ्तार देना है। किसी नई योजना को शुरू करने की जगह सरकार ने पूरा जोर मौजूदा योजनाओं पर दिया है। खास तौर पर एक्सप्रेस-वे, डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण समेत कई प्रोजेक्ट के लिए बजट में फंड का प्रावधान है।
अनुपूरक बजट में गरीबों, नगर विकास, शिक्षा, सिंचाई और चिकित्सा पर खास फोकस किया गया है। चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कुछ मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का जिक्र है। प्रदेश में कई जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में बदलने का काम चल रहा है। सरकार अनुपूरक में इन अस्पतालों के लिए बजट का प्रावधान किया है।
क्या है अनुपूरक बजट
वित्तीय वर्ष बीतने के पहले अगर बजट अपर्याप्त होता है तो उसकी मांग सदन में पेश की जाती है। यह अनुपूरक बजट कहलाता है। अनुपूरक अनुदानों की मांगें वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले सदन में पेश की जाती हैं।
किस मद में कितना बजट
नगर विकासः 2,175.46 करोड़
राज्य पोषित स्मार्ट सिटी के लिए 175 करोड़, कुंभ मेले के दायित्यों के भुगतान के लिए 349 करोड़ रुपये, सीवरेज व जल निकासी के लिए सौ करोड़, हर जिला मुख्यालय में पाथवे, बेंच, जिम, पेयजल, योग और बाल क्रीड़ा सुविधाओं से युक्त पार्कों के लिए 60 करोड़।
अवस्थापना सुविधाएंः 2,093.98 करोड़
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए 850 करोड़, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए 1,150 करोड़, गंगा एक्सप्रेसवे के लिए 15 करोड़, उर्जा क्षेत्र में वितरण और उत्पादन परियोजनाओं के लिए 905.36 करोड़।
सिंचाई विभागः 834.84 करोड़
नहर और नलकूपों के विद्युत देय के लिए 800 करोड़। गोरखपुर में राप्ती नदी पर घाट निर्माण के लिए 24.84 करोड़, अयोध्या के राम की पैड़ी की रिमॉडलिंग के लिए 10 करोड़, खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग की प्रयोगशालाओं के लिए 15.56 करोड़।
लोक निर्माण विभागः 605 करोड़
405 करोड़ रुपये सेतु निर्माण के लिए और 200 करोड़ रुपये सड़कों के निर्माण के लिए।
पर्यटन विभागः 163 करोड़
105 करोड़ रुपये पर्यटन स्थलों के विकास के लिए, मिर्जापुर में वंध्यवासिनी धाम के पर्यटन विकास के लिए 10 करोड़, सीतापुर के मैमिषारण्य के लिए दस करोड़, आगरा के मुगल म्यूजियम के लिए 20 करोड़ और अयोध्या के दीपोत्सव के लिए 6 करोड़ रुपये।
चिकित्सा शिक्षाः 83.14 करोड़
एसजीपीजीआई लखनऊ में ट्रॉमा सेंटर के लिए 7.45 करोड़, बलरामपुर में केजीएमयू के सेटेलाइट सेंटर के लिए 35 करोड़, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में 500 बेड के बाल रोग विभाग के लिए 10 करोड़, 14 जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए 25 करोड़, केजीएमयू में बर्न इंजरी विभाग के लिए 2.07 करोड़, हेल्थ केयर फॉर अडल्टरी के लिए 3.47 करोड़।
किस मद में कितना फंड:
ऊर्जा विभाग—60,000 लाख रुपये
उद्योग विभाग—2,01,500 लाख रुपये
कृषि विभाग—2,900 लाख रुपये
गृह विभाग कारगार–5,041 लाख रुपये
गृह विभग (पुलिस)—25,000 लाख रुपये
नगर विकास—1,30,646 लाख रुपये
अल्पसंख्यक कल्याण–2,200 लाख रुपये
सिंचाई के लिए–80,000 लाख रुपये
चिकित्सा विभाग शिक्षा–8,313 लाख रुपये
चिकित्सा विभाग परिवार कल्याण–5,000 लाख रुपये
सार्वजनिक स्वास्थ्य–400 लाख रुपये
प्राथमिक शिक्षा–1,30,000 लाख रुपये
माध्यमिक शिक्षा–53,622 लाख रुपये
उच्च शिक्षा–15,802 लाख रुपये
-एजेंसियां

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