शरीर के त्रिदोष को दूर करता है सुपरफ्रूट आंवला

Superfruit Amla removes body Tridosha
शरीर के त्रिदोष को दूर करता है सुपरफ्रूट आंवला

आंवला- एक ही फल में खट्टा, मीठा, तीखा, कड़वा और कसैले स्वाद का एक अनूठा संतुलन है

हजारों सालों से प्रयोग किया जाने वाला आंवला (एमब्लिका ऑफिसिलिनास) भारतीय पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में सबसे पुराना, सबसे सम्मानित और व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले पौधों में से एक है। संस्कृत में आंवला को आमलकी कहा जाता है और इसे विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इस एक ही फल में खट्टा, मीठा, तीखा, कड़वा और कसैले स्वाद का एक अनूठा संतुलन है.

आंवला वात,पित्त और कफ तीन दोषों में संतुलन स्थापित करने वाला फल है. आंवला का मुख्य रूप से शरीर के कई अंगों और कार्यों के लिए एक कायाकल्प के रूप में प्रयोग किया जाता है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाता है, सूजन कम करता है, शरीर को ठंडक देता है, बुखार को कम करता है, कोलेस्ट्रॉल को कम करने में लिवर की मदद करता है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। यह त्वचा को हानिकारक यूवी किरणों से बचाता है और उसे पोषण देता है और साथ साथ नजर को भी कमजोर नहीं होने देता।

आंवला भोजन अवशोषण को बढ़ाता है, पेट में बनने वाले एसिड को संतुलित करता है, जिगर को मजबूत करता है, मस्तिष्क को पोषण देता है, दिल और फेफड़ों को मजबूत करता है, फ्री रेडिकल्स को खत्म करने में सहायता करता है और इसके सेवन से शरीर पर उम्र की मार भी बहुत देर से पड़ती है। यह बालों के लिए बहुत अच्छा है , जीवन शक्ति को बढ़ाता है और मांसपेशियों की टोन में सुधार करता है. इतने फायदे अगर एक फल से मिले तो आप को समझ जाना चाहिए कि आखिर क्यों इसे एक सुपरफ्रूट कहा जाता है.

-Legend News

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