Sunil Rathi ने कबूला, मुन्ना बजरंगी से पिस्‍टल छीनकर मैंने ही दागीं 10 गोलियां

बागपत। पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या की बात पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात Sunil Rathi ने कबूल कर लिया है। उसने बताया है कि दोनों हाई सिक्योरिटी बैरक में बाहर बैठकर पहले बात कर रहे थे, बातचीत के दौरान मुन्ना बजरंगी ने कहा कि तुम मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हो। झगड़ा इसी बात पर शुरू हो गया।

Sunil Rathi का दावा है कि पिस्टल मुन्ना के पास थी उसने छीनकर मुन्ना को 10 गोलियां मार दीं. मुन्ना और सुनील राठी बड़े अपराधी हैं। दोनों ही पहले दिल्ली के तिहाड़ जेल में साथ रह चुके थे. सुनील उत्तराखंड में कुछ लोगों से जबरन उगाही कर रहा था क्योंकि सुनील लम्बे समय तक उत्तराखण्ड की जेल में रहा है और वहां कई बार गया भी है। सुनील राठी जिन लोगों से उगाही कर रहा था वो मुन्ना बजरंगी के आदमी थे। मुन्ना इससे एक बार पहले भी कह चुका था कि क्या सुनील ने उसकी सुपारी ले रखी है।

हत्या के बाद Sunil Rathi ने पिस्टल गटर में फेंक दी और जिसे खुदाई और काफी पानी निकालने के बाद बरामद कर लिया गया है। साथ में एक बुलेट और 2 मैगज़ीन भी बरामद हुई हैं। इसके साथ ही 10 खाली खोखे भी मौके से पड़े मिले हैं. सुनील राठी के खिलाफ आर्म्स एक्ट का केस भी दर्ज किया गया है।

Sunil Rathi के शिकार बनते थे डॉक्टर,बिजनेसमैन, MLA का चुनाव लड़ चुकी मां भी है जेल में बंद

बागपत जेल में गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी की हत्या के आरोपी गैंगस्टर सुनील राठी का उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में काफी खौफ है। पिता नरेश राठी और भाई की हत्या के बाद साल 1998 में सुनील राठी ने जुर्म की दुनिया में कदम रखा था। सुनील के पिता नरेश राठी मेरठ के टिकरी नगर पंचायत के चेयरमैन थे, जिनकी हत्या उनके राजनीतिक विरोधियों ने कर दी थी। उसके बाद दोनों तरफ से अब तक दर्जनभर से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। सुनील के पिता की हत्या के बाद सुनील की मां चेयरपर्सन बनीं। उस वक्त सुनील केवल 18 साल का था, जब अपने पिता की हत्या का बदला लेना की ठानी थी।

सुनील के गांव में रहने वालों का कहना है कि उसने मेरठ से 12वीं कक्षा पास की थी और उसके बाद उसने उत्तराखंड में अपनी आपराधिक गतिविधियां शुरु कर दीं थी। सुनील राठी शुरुआत में रुड़की और हरिद्वार में सक्रिय हुआ। इसके बाद उसने अपनी गैंग बनाई और फिरौती के लिए डॉक्टर और बिजनेसमैन को निशाना बनाना शुरु कर दिया।

सुनील ने कुछ साल पहले ही अपनी गैंग का विस्तार किया और जिसके बाद गैंग के गुर्गे पश्चिमी यूपी, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड में सक्रिय हो गए। सुनील को करीब दो साल पहले हरिद्वार में कुछ डॉक्टरों और बिजनेसमैन से फिरौती मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक सुनील का खौफ इतना था कि रुड़की में एक डॉक्टर ने फिरौती की कॉल आने के बाद अपने पूरे परिवार के लिए बुलैट प्रूफ जैकेट खरीद ली थी।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुनील ने देहरादून में कुछ डॉक्टरों से फिरौती मांगी थी और उनसे कहा था कि वे फिरौती की रकम उसकी मां को दे दें। इसके बाद Sunil Rathi की मां को भी गिरफ्तार कर लिया गया और वह पिछले छह महीने से देहरादून जेल में बंद हैं।

-एजेंसी

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