Summer training: संस्कृति के छात्र बढ़ाएंगे तकनीकी दक्षता

मथुरा। संस्कृति यूनिवर्सिटी ने अपने छात्र-छात्राओं को 45 से 60 दिनों की Summer training दिलाने का फैसला लिया है। छात्र-छात्राओं का बेशकीमती समय जाया न हो इसके लिए संस्कृति यूनिवर्सिटी ने टेक्निकल एज्यूकेशन के छात्र-छात्राओं को 45 से 60 दिनों की Summer training दिलाने का फैसला लिया है। इसी क्रम में डिप्लोमा मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 18 छात्र उत्तर-पूर्व रेलवे गोरखपुर और टूंडला की मुख्य वर्कशापों में समर ट्रेनिंग के लिए भेजे गए हैं।

उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी के टेक्निकल एज्यूकेशन के छात्र-छात्राओं ने जो किताबी ज्ञान हासिल किया है उसमें प्रयोगात्मक दक्षता जरूरी है। छात्र-छात्राओं की जिज्ञासा और तकनीकी कौशल को निखारने के लिए संस्कृति यूनिवर्सिटी ने बड़ी-बड़ी कम्पनियों के साथ ही शासकीय उपक्रमों से भी अनुबंध किया है। श्री गुप्ता का कहना है कि समर ट्रेनिंग से छात्र-छात्राओं को स्वयं को पहचानने का अवसर मिलता है तथा उनका टैलेंट निखरता है। हमारा प्रयास है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स गर्मियों की छुट्टियों का सही इस्तेमाल करें ताकि शिक्षा पूरी करने से पहले ही उन्हें किसी न किसी बड़ी कम्पनी में सेवा का अवसर मिल सके। श्री गुप्ता ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे समर ट्रेनिंग के लिए जहां भी जाएं, वहां पूरी निष्ठा से तकनीकी पहलुओं को आत्मसात करें।

संस्कृति यूनिवर्सिटी के प्रति-कुलपति डा. अभय कुमार का कहना है कि टेक्निकल एज्यूकेशन में सिर्फ किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं होता, इसके लिए छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी-बड़ी कम्पनियों की कार्यप्रणाली को करीब से देखना और समझना भी बहुत जरूरी है। संस्कृति यूनिवर्सिटी युवा पीढ़ी को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में दक्ष करने के लिए न केवल लेटेस्ट टेक्निक को प्रमुखता दे रही है बल्कि उसके प्रयास हैं कि यहां अध्ययन करने वाला हर छात्र बड़ी-बड़ी कम्पनियों की जरूरतों और उसकी कार्यप्रणाली से भी समय-समय पर रू-ब-रू होता रहे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने देश की ख्यातिनाम कम्पनियों से अनुबंध कर यहां टेक्निकल एज्यूकेशन हासिल कर रहे दूसरे और तीसरे साल के छात्र-छात्राओं को 45 से 60 दिनों की समर ट्रेनिंग दिलाने का फैसला लिया है।

हेड कार्पोरेट रिलेशन आर.के. शर्मा का कहना है कि यहां हर एक स्टूडेंट में कुछ न कुछ खास बात है। संस्कृति यूनिवर्सिटी का प्रयास है कि गर्मी की छुट्टियां स्टूडेंट्स में छिपे टैलेंट को निखारने के काम आएं। यूनिवर्सिटी के सीएस, आईटी, ईसी के छात्र-छात्राएं पहले से ही देश की नामी-गिरामी कम्पनियों में दो माह की विशेष ट्रेनिंग ले रहे हैं। मैनेजर कार्पोरेट रिलेशन तान्या उपाध्याय का कहना है कि अब यूनिवर्सिटी ने डिप्लोमा मैकेनिकल इंजीनियरिंग के वेदप्रकाश. चंदन कुमार, राजीव रंजन, विकास कुमार, दानिश रजा, सुमन कुमार, मनीष शुक्ला, जय प्रकाश साहनी, महेश कुमार शर्मा, सियाशरण कुशवाह, रजनीश चौरसिया, राहुल कुमार प्रसाद, दीपक साहनी, रविकांत, नरेन्द्र सिंह, राहुल, पवन कुमार यादव, कुलदीप कुमार यादव को उत्तर-पूर्व रेलवे गोरखपुर और टूंडला की मुख्य वर्कशापों में समर ट्रेनिंग के लिए भेजा है। संस्थान के कार्यकारी निदेशक पी.सी. छाबड़ा ने छात्रों का आह्वान किया कि उन्हें जो Summer training का अवसर मिला है, उसका सदुपयोग कर अपने सपनों को साकार करें।

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