केडी हास्पीटल में Trichobezoar बीमारी से ग्रस्‍त बच्‍चे का ऑपरेशन

डा. रवि कुमार माथुर बोले- Trichobezoar बीमारी से ग्रस्त बच्चे खाते हैं बाल, पेट में होता है भयंकर दर्द, मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल में ऐसे केसों को किया जा रहा हैंडल

मथुरा। क्या आपका बच्चा चोरी छिपे बालों को खाता है। क्या उसे बाल खाना अच्छा लगता है। कहीं उसके सिर पर बालों की कमी की वजह उसके द्वारा इनको खा लेने के कारण तो नहीं है। यदि आपका जबाव हां में है तो इस समाचार को अवश्य पढें। आपके बच्चे को गोधौली हरियाणा निवासी शहनवाज की तरह से Trichobezoar नामक बीमारी हो सकती है। उसे तुरंत किसी अच्छे चिकित्सालय में इलाज की जरुरत है, नहीं तो आठ-दस साल बाद उसके पेट से भी आॅपरेशन करके बाल का गुच्छा निकालना होगा। इससे वह आगे की जिंदगी में पेट दर्द, भूख-प्यास की कमी की समस्या से निजात पा सके। ऐसे ही एक पेचीदा मामले में मल्टी स्पेशिएलिटी केडी हास्पीटल में किशोरी शहनवाज के आमाशय से 2.5 किग्रा के बालों का गुच्छा निकालने में सफलता हासिल की है।

हरियाणा स्थित पुन्हाना के निकट गोधौली निवासी शहनवाज की माता हमीदन ने बताया कि उसकी बेटी बचपन में घुटनों के बल चलने की उम्र में सिर के बाल तोडकर खा लेती थी। जिस पर उन्होंने खास ध्यान नहीं दिया। ये आदत ही उसके लिए परेशानी का कारण बन गई। अब पिछले एक साल से शहनवाज पेट में दर्द बता रही थी। पेट में टीस के दौरान उसके मुंह में थूक आता था। दर्द की वजह से वह खाना तक ठीक से नहीं खा रही थी। कमजोर होती जा रही थी। उसे नूंह जिले के लल्लड में एक चिकित्सालय में दिखाया था। इसके बाद ज्यादा परेशानी होने पर पलवल के नामीगिरामी चिकित्सालय में दिखाया। चिकित्सक ने आॅपरेशन कराने को बहुत बडी धनराशि जमा कराने को कहा। जिसका वे इंतजाम नहीं कर सके। पलवल के हास्पीटल में बताई उस धनराशि से अब केडी हास्पीटल में काफी कम धनराशि पर आॅपरेशन होने पर हमीदन ने उपर वाले से हास्पीटल की वरक्कत की दुआ मांगी है।

शहनवाज के पेट में भयंकर दर्द के दौरान शहनवाज के परिजनों को केडी हास्पीटल में इलाज कर चुके एक मरीज ने बताया कि अकबरपुर मथुरा स्थित इस चिकित्सालय में काफी कम धनराशि में ही इलाज हो जाएगा। तब वह अपनी पुत्री के साथ केडी हास्पीटल में डा. रवि कुमार माथुर की ओपीडी में पहुंची। उन्होंने जांच के बाद एक अल्ट्रासाउंड कराकर मालुम कर लिया कि बच्ची को Trichobezoar की शिकायत है। उन्होंने आॅपरेशन कराने की सलाह दी। जो बीते दिवस उनके नेतृत्व वाली चिकित्सकों की टीम ने सफलता पूर्वक कर दिया। इस टीम में डा. रवि माथुर, डा. मयंक माथुर, डा. भुवनेश, डा. वरुण सिसौदिया, एनेथिएस्ट डा. शहनवाज, डा. विदुषी शर्मा के साथ सहायक प्रियंका पाठक, योगेश, राजेश कुमार, पवन और नाहर सिंह मौजूद रहे।

बाल खाने वाले बच्चों का इलाज संभव-डा. रवि कुमार माथुर
डा. रवि कुमार माथुर ने बताया कि शहनवाज के आमाशय में मौजूद 2.5 किग्रा के बालों के गुच्छे को काफी मुश्किलों से निकाला जा सका है। इसके लिए कई घंटों तक प्रयास किया। अब वह बिलकुल ठीक है। उन्होंने बताया कि बच्चों को बचपन में बाल खाना अच्छा लगता है। जो हम लोगों की बालों को कहीं भी फेंक देने की गलत आदत का भी परिणाम हो सकता है। Trichobezoar के मरीज बचपन में तो अपने सिर के बालों को भी नोंच कर खाते हैं। इसके लिए माता पिता को अपने बच्चों की ऐसी बुरी आदतों पर न केवल नजर रखने की अपितु छुडवाने की महती जरुरत है। इससे शहनवाज के जैसे पेट के आॅपरेशन से बचा जा सके।

नवीनतम तकनीकों का लाभ लें-डा. रामकिशोर अग्रवाल
आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि मल्टी स्पेशियेलिटी केडी हास्पीटल के चिकित्सक चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम तकनीकों से ब्र्रजवासियों की सेवा कर रहे हैं। वे हर रोज मरीजों को बडी से बडी परेशानियांे से राहत दिला रहे हैं। इसका लाभ लोगों को उठाना चाहिए। केडीएमसीएचआरसी की डीन डा. मंजू नवानी, एकेडमिक एंड रिसर्च विंग के निदेशक डा. अशोक कुमार धनविजय, अरुण अग्रवाल आदि ने भी इस सफलता पर हर्ष जताया है। उन्होंने चिकित्सकों की टीम को बधाई दी है।

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