ईश्‍वर का वरदान है Sudarshan का पौधा

Sudarshan का पौधा आपके आसपास कहीं भी आसानी से उग आने के कारण सर्वसुलभ तो है ही , इसके बड़ औषधीय लाभ भी हैं। बड़ी बड़ी पत्‍तियां और साल में एकबार छोटे छोटे फूलों के समूह मिलकर एक बड़ा फूल और वो भी बेहद सुगंधित, कंद और बड़े पत्‍तों का Sudarshan के बारे में कम आमजनको बेहद कम जानकारी है।

सुदर्शन की जड़:-
करे सौदर्शनं बध्वा राजप्रियो भवेत्।
सिंही मूले हरेत्पुष्ये कटि बध्वा नृपप्रिय:।
हाथ में सुदर्शन की जड़ बांधें। तो राजा प्रिय होता है अथवा कांकरासिंही की जड़ पुष्य नक्षत्र में लाकर कमर में बाँधें तो राजा (मंत्री, अधिकारी) वश में होता है अथवा राजा का प्रिय हो जाता है।

सुदर्शन के फूल के औषधीय गुणों के आधार पर आयुर्वेद में अनेक दर्दकारक रोगों के उपचार में सुदर्शन का प्रयोग किया जाता है। सुदर्शन कानदर्द, जोड़ों का दर्द, बवासीर जैसे बीमारियों के लिए फायदेमंद सिद्ध होता है। चलिये जानते हैं कि सुदर्शन और कितने फायदे स्वास्थ्य के दृष्टि से गुणकारी हैं।

सुदर्शन क्या होता है? (What is Sudarshan in Hindi?)
सुदर्शन अण्डाकार शल्क कंद (bulb) वाला शाकीय पौधा होता है। इसके फूल विभिन्न आकार के, सुगन्धित तथा सफेद रंग के होते हैं। इसका कंद बड़ा, 12.5-15 सेमी व्यास (डाइमीटर) का तथा गोलाकार होता है। यह मई से जून महीने के बीच फलता और फूलता है।

सुदर्शन मीठा, कड़वा, तीखा, हजम करने में भारी और गर्म तासीर का होता है। सुदर्शन वात और कफ कम करने में सहायक होता है तथा इसका कंद जोड़ों का दर्द कम करने में लाभकारी होता है।

अन्य भाषाओं में सुदर्शन का नाम (Name of Sudarshan in Different Languages in Hindi)

सुदर्शन का वानास्पतिक नाम Crinum latifolium Linn. (क्राइनम् लैटिफोलियम) Syn-Crinum zeylanicum Linn.; Crinum cochinchinense M.Roem है। सुदर्शन Amaryllidaceae (ऐमेरिलिडेसी) कूल का है। सुदर्शन को अंग्रेजी में Wild leaved crinum (वाईल्ड लीव्ड् क्राईनम) कहते हैं, लेकिन भारत के विभिन्न प्रांतों में भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है। जैसे-

Sanskrit-सुदर्शन, चक्रांगी, सुदर्शना, चक्राह्वा, मधुपर्णिका;

Hindi-सुदर्शन, सुखदर्शन;

Konkani-कृतमारी (Kritmari), गोल कंदो (Gol kando);

Kannada-विषमूंगूली (Vishamoonguli);

Tamil-विषमुंगिल (Vishamungil), तुडाईवचल (Tudaivachl), विजहामूंगल (Vizhamungal);

Bengali-सुखदूरसन (Sukhdursan), गेराहूनारा-पट्टा (Gaerahonara-patta), सुखदर्शन (Sukhdarshan);

Marathi-गदानी कंद (Gadanikanda), गदनीचा (Gadnicha)।

English-पॉयजन बल्ब (Poison bulb)

सुदर्शन के फायदे

अगर दांत दर्द के कारण या ठंडे लगने के वजह से कान में दर्द हो रहा है तो 1-2 बूंद सुदर्शन के पत्ते के रस को कान में डालने से कान का दर्द कम हो जाता है।

बवासीर में फायदेमंद सुदर्शन (Sudershan to Treat Piles in Hindi)
बवासीर के दर्दनाक कष्ट से आराम दिलाने में सुदर्शन (sudarshan ka paudha)काम आता है। सुदर्शन के शल्क कंद को पीसकर अर्श या बवासीर के मस्सों में लेप करने से लाभ होता है। और जोड़ो पर लेप करने से आमवात के दर्द से राहत दिलाने में मदद करती है।

सफेद पानी निकलने की परेशानी करे कम सुदर्शन (Sudershan Benefits for Leucorrhoea in Hindi)
बहुत सारे महिलाओं को सफेद पानी निकलने की समस्या होती है, जिससे कमजोरी भी होती है। ऐसे में सुदर्शन का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। सुदर्शन के तने को दूध में पीसकर मात्रानुसार सेवन करने से सफेद पानी निकलने के कारण जो दर्द होता है उससे आराम दिलाने में मदद करता है।

जोड़ों का दर्द करे कम सुदर्शन (Sudershan for Rheumatoid Arthritis in Hindi)
जोड़ो के दर्द से परेशान हैं तो सुदर्शन का इस तरह से इस्तेमाल करने पर बहुत लाभ (sudarshan ke fayde) मिलता है।

-सुदर्शन की जड़ को पीसकर संधियों यानि जोड़ो पर लगाने से संधिवात का दर्द कम होता है तथा सूजन पर लगाने से सूजन कम होती है।

-सन्धिवात यानि जोड़ो के दर्द तथा वेदनायुक्त रोगों में सुदर्शन की पत्तियों से स्वेदन करने से या पत्तों को पीसकर गुनगुना कर लेप करने से लाभ होता है।

कुष्ठ में फायदेमंद सुदर्शन (Sudershan to Treat Leprosy in Hindi)
कुष्ठ का घाव सुखाने में सुदर्शन बहुत फायदेमंद साबित होता है। समान मात्रा में चक्रमर्द बीज तथा जीरे में सुदर्शन का जड़ मिला कर पीस कर लेप करने से दद्रु (खुजली) तथा कुष्ठ में लाभ मिलता है।

फोड़ा सुखाने में सुदर्शन बहुत गुणकारी होता है। भूने हुए शल्क कन्दों को पीसकर फोड़ों पर लेप करने से लाभ (sudarshan ke fayde)होता है। सुदर्शन के गुण फोड़ा को जल्दी सुखाने में मदद करता है।

विद्रधि या घाव में लाभकारी सुदर्शन (Sudershan Heals Abscess in Hindi)
अगर पुराना घाव नहीं सूख रहा है तो सुदर्शन के कंद को पीसकर विद्रधि (घाव) पर लगाने से विद्रधि ठीक होता है।
त्वचा संबंधी बीमारियों से दिलाये राहत सुदर्शन (Sudershan Benefits in Skin Disease in Hindi)
सुदर्शन के पत्ते के रस से सिद्ध तेल को लगाने से त्वचा संबंधी रोगो से छुटकारा मिलती है।

सुदर्शन का उपयोगी भाग (Useful Parts of Sudarshan)
आयुर्वेद में सुदर्शन के पत्ते तथा शल्ककन्द का प्रयोग औषधि के लिए किया जाता है।

बीमारी के लिए सुदर्शन के सेवन और इस्तेमाल का तरीका पहले ही बताया गया है। अगर आप किसी ख़ास बीमारी के इलाज के लिए सुदर्शन का पौधा का उपयोग कर रहे हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें।

-Legend News

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »