सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड टारपीडो (स्मार्ट) का सफल परीक्षण

भारत ने आज ओडिशा के बालासोर के तट से लंबी दूरी की सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड टारपीडो (स्मार्ट) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। भारतीय नौसेना के लिए डीआरडीओ (DRDO) द्वारा हथियार प्रणाली विकसित की जा रही है। यह जानकारी रक्षा अधिकारियों ने दी है। साथ ही डीआरडीओ ने कहा कि इस मिसाइल को टारपीडो की पारंपरिक सीमा से कहीं अधिक एंटी-सब मरीन में युद्ध क्षमता बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है।
परीक्षण के दौरान मिसाइल की पूरी रेंज क्षमता का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया। इस प्रणाली को टारपीडो की पारंपरिक सीमा से कहीं अधिक पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है।
डीआरडीओ की कई प्रयोगशालाओं ने इस उन्नत मिसाइल प्रणाली के लिए विभिन्न तकनीकों का विकास किया है। अधिकारियों के मुताबिक इस प्रणाली को भारतीय नौसेना के इस्तेमाल के लिए विकसित किया गया है।
यह परीक्षण डीआरडीओ और भारतीय वायु सेना (आइएएफ) द्वारा पोखरण रेंज से स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित हेलीकाप्टर लान्च स्टैंड-आफ एंटी-टैंक (एसएएनटी) मिसाइल के सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण के कुछ ही दिनों बाद हुआ है।
बता दें कि 11 दिसंबर को डीआरडीओ और भारतीय वायु सेना (IAF) ने पोखरण रेंज से स्वदेशी रूप से निर्मित हेलीकाप्टर-लान्च SANT (स्टैंड-ऑफ एंटी-टैंक) मिसाइल की उड़ान का सफल परीक्षण किया था। मिसाइल अत्याधुनिक MMW साधक से लैस है, जो सुरक्षित दूरी से उच्च परिशुद्धता स्ट्राइक क्षमता प्रदान करता है। यह हथियार 10 किलोमीटर तक की सीमा में लक्ष्य को बेअसर कर सकता है।
इसके पहले 22 अक्टूबर को प्रमुख शोध संगठन ने ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के तट से दूर चांदीपुर में अभ्यास की विभिन्न प्रणालियों और इसके उच्च गति वाले व्यय योग्य हवाई लक्ष्य (HEAT) का परीक्षण किया था। विभिन्न मिसाइल प्रणालियों के मूल्यांकन के लिए वाहन का उपयोग हवाई लक्ष्य के रूप में किया जा सकता है।
-एजेंसियां

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