KD हॉस्पिटल में हुआ शिशु की जन्मजात विकृति का ऑपरेशन

मथुरा। K D मेडिकल कॉलेज के डॉ श्याम बिहारी शर्मा द्वारा मिनिमल एंटीरियर सेजाइटल एनोरेक्टो प्लास्टी के माध्यम से अकबरपुर निवासी 7 माह के दक्ष पुत्र विनोद के दो मलद्वारों को एक करने में सफलता हासिल की है। ऑपरेशन न केवल सफल रहा बल्कि अब बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है और आसानी से मल त्याग कर रहा है।

जानकारी के अनुसार अकबरपुर निवासी विनोद को सात माह पहले पुत्ररत्न की प्राप्ति हुई थी। बच्चे के जन्मजात दो मलद्वार थे लेकिन माता-पिता को इसकी जानकारी नहीं थी। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होने लगा उसे कब्ज की शिकायत रहने लगी तथा वह दूध भी नहीं पीता और रोता रहता था। बच्चे की इस समस्या से परेशान माता-पिता 28 दिसम्बर को के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के विशेषज्ञ शिशु शल्य चिकित्सक श्याम बिहारी शर्मा से मिले। डॉ. शर्मा द्वारा बच्चे का परीक्षण और जांच करने के बाद पता चला कि उसके एक नहीं बल्कि दो मलद्वार हैं।

आखिरकार डाॅ. शर्मा ने परिजनों को बच्चे का ऑपरेशन कराने की सलाह दी। परिजनों की सहमति के बाद 31 दिसम्बर को डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. मंजू सक्सेना के सहयोग से मिनिमल एंटीरियर सेजाइटल एनोरेक्टो प्लास्टी के माध्यम से दो मलद्वारों को एक करने में सफलता हासिल की। डॉ. शर्मा का कहना है ऐसे ऑपरेशन यदा-कदा किए जाते हैं।

डॉ. शर्मा ने बताया कि जन्मजात इस तरह की विकृति (बीमारी) को चिकित्सा के क्षेत्र में एनो कुटेनियस फिस्टुला विथ इन-कम्पलीट कवर्ड एनस नाम से जाना जाता है। ऐसी विकृति हजारों शिशुओं में से एक में होती है। उन्होंने सलाह दी कि प्रसव हमेशा अच्छे अस्पताल में ही कराएं और अपने नवजात को शिशु रोग विशेषज्ञ को एक बार अवश्य दिखाएं।

बच्चे के सफल ऑपरेशन पर आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के चेयरमैन श्री मनोज अग्रवाल, डीन डॉ. रामकुमार अशोका तथा चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र कुमार ने विशेषज्ञ शिशु शल्य चिकित्सक श्याम बिहारी शर्मा के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
– Legend News

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