छात्र-छात्राओं ने चलाया पौधारोपण Campaign

पौधारोपण Campaign: संस्कृति विश्वविद्यालय के शुक्रवार को चार सौ से अधिक छायादार पौधे रोपे

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अाज पौधारोपण Campaign चलाया ।

पेड़ लगाएं, वातावरण स्वच्छ बनाएं, एक नारा भर नहीं है। यह जिम्मेदारी है हर उस इंसान की जोकि इस धरती पर रह रहा है। पेड़ों को बचाने के साथ ही हम सबका दायित्व है कि अपने जीवनकाल में न केवल पांच-पांच पौधे रोपें बल्कि उनकी हिफाजत भी करें। पेड़ धरती पर जीवन का न केवल प्रतीक है बल्कि हर जीव और जंतु के लिये प्राकृतिक घर भी है। मौजूदा समय में पेड़ों को बचाना बहुत जरूरी है क्योंकि शहरीकरण, औद्योगीकरण और ग्लोबल वार्मिंग से वातावरण न केवल प्रदूषित हो गया है बल्कि तरह-तरह की बीमारियां जनमानस को अपने आगोश में ले रही हैं उक्त उद्गार शुक्रवार 13 अक्टूबर को संस्कृति विश्वविद्यालय की स्कूल आफ एज्यूकेशन की प्राचार्य डा. जया द्विवेदी ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पांच-पांच पौधे रोपने और उनकी सेवा का संकल्प लिया।

ज्ञातव्य है कि संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल आफ एग्रीकल्चर द्वारा संस्कृति वृक्ष एवं पर्यावरण वाहिनी के तहत इन दिनों पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। संस्कृति विश्वविद्यालय के कृषि संकाय के डीन प्रो. अरविन्द राजपुरोहित के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान में प्रतिदिन छात्र-छात्राओं द्वारा कहीं न कहीं पौधरोपण जरूर किया जा रहा है। इस पौधरोपण अभियान का शुभारम्भ नौ अक्टूबर को कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक द्वारा किया गया था। शुक्रवार को संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल आफ एग्रीकल्चर, स्कूल आफ फैशन डिजाइनिंग, स्कूल आफ इंजीनियरिंग तथा स्कूल आफ एज्यूकेशन के सैकड़ों छात्र-छात्राओं द्वारा प्रो. अरविन्द राजपुरोहित, प्राचार्य डा. जया द्विवेदी, फैशन डिजाइनिंग के विभागाध्यक्ष नीरज शर्मा, विभागाध्यक्ष कम्प्यूटर साइंस शिवशंकर, काजल सिंह, ख्याति गोयल, अर्पित मिश्रा, अंजली भारद्वाज, मृणाल पालीवाल, पंकज सारस्वत, निशू चौधरी की देखरेख में आम, पीपल, नीम, अमरूद, कदम, अनार, अर्जुन, गुलमोहर आदि के छायादार पौधे रोपे गये।

संस्कृति विश्वविद्यालय के उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि पेड़ों से ही हमारा जीवन सम्भव है। पूरी तरह से विकसित एक पेड़ बिना कुछ वापस लिये मानवता की बहुत वर्षों तक सेवा करता है। हवा को शुद्ध करने, पारिस्थितिकी संतुलन को बनाये रखने के साथ ही पेड़ हमें कई बीमारियों से भी बचाते हैं। पेड़ हमारी महत्वपूर्ण सम्पत्ति है। यदि हमें धरती पर जीवन बचाना है तो अधिकाधिक पेड़ लगाने होंगे। यदि पर्यावरण शुद्ध रहेगा तो हम सब निरोगी रहेंगे। कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक ने कहा कि पेड़ लगाने से भी जरूरी है उनकी सेवा करना क्योंकि हर साल पांच अरब पेड़ लगाए जा रहे हैं जबकि प्रतिवर्ष 10 अरब पेड़ काटे जा रहे हैं। यदि हम इस समस्या के प्रति अभी से गम्भीर नहीं हुए तो पर्यावरण संतुलन गड़बड़ा जाएगा और जीवन संकट में पड़ जाएगा।