संस्कृति विवि के इंजीनिरिंग के छात्रों ने किया JBM का किया दौरा

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के बी.टेक. मैकेनिकल के छात्रों का एक दल शिक्षकों के साथ व्यवहारिक ज्ञान अर्जित करने के लिए फरीदाबाद स्थित देश के प्रमुख JBM Group की इकाई पहुंचा। इस समूह को आटोमेटिव के क्षेत्र में बड़े उत्पादक और इंजीनियरिंग के लिए जाना जाता है। विश्वविद्यालय के विभागीय शिक्षकों के साथ भ्रमण पर गए छात्रों के इस दल ने यहां प्लांट कैसे काम करता है, मैनेजमैंट सिस्टम तथा 14 लाइन पेंट असेंबलिंग का गहराई से अध्ययन किया।

B.Tech. (मैकेनिकल) के द्वितीय वर्ष के 14 छात्र व तृतीय वर्ष के 15 छात्र असिस्टेंट प्रोफेसर डा. शिवम अग्रवाल, लैब टेक्नीशियन चंद्रकांत के साथ इस शैक्षणिक भ्रमण में शामिल थे। इस औद्योगिक इकाई द्वारा अशोक लीलेंड, बजाज आटो लिमिटेड, फिएट, फोर्ड, जनरल मोटर कार्पोरेशन, होंडा, जेसीबी, महिंद्रा,मारुति सुजुकी, रिनाल्ट, निसान टाटा, टोयटा, टीवीएस, वोल्वो, आयशर, वोक्स वैगन आदि बहुत सी कंपनियों के आटोमेटिव ओईएम(ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर) व कैटर्स सर्विस का काम किया जाता है। संस्कृति विवि के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों ने यहां मैन्युफैक्चरर मैनेजमेंट, वेल्डिंग के तरीके और प्रकार, एलपीजी सिलेंडर निर्माण, रेलवे कोच डोर निर्माण, होंडा मोटरसाइकिल के पार्टस, जेसीबी का फ्यूल टैंक, हाइड्रोलिक आयल टैंक, आटोमेटिव पार्ट्स पेंटिंग, पेंट असेंबलिंग के बारे बारे में व्यवहारिक शिक्षा ली। साथ ही निर्माण कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में गहराई से अध्ययन किया। छात्रों के इस दल ने जाना कि वैल्डिंग कितने प्रकार की होती है और अलग-अलग वैल्डिंग की क्या उपयोगिता होती है। कौनसी वैल्डिंग कहां प्रयोग की जाती है, इसकी बारीकी को जाना। इसी क्रम में प्रेशर ब्लास्ट की उपयोगिता का भी अवलोकन किया। इस शैक्षणिक भ्रमण से विवि के छात्रों को अपने अनेक अनसुलझे सवालों के उत्तर सहजता से मिले।

छात्रों के इस दल के साथ गए विवि के मैकेनिकल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. शिवम अग्रवाल तथा लैब असिस्टेंट चंद्रकांत ने भ्रमण के दौरान तकनीकी बारीकियों को समझने में मदद की।

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