Educational tour में शोध कार्यों से रूबरू हुए संस्कृति के छात्र

मथुरा। संस्कृति यूनिवर्सिटी द्वारा छात्र-छात्राओं की मेधा को निखारने के लिए उन्हें निरंतर educational tour कराए जाते हैं। इसी कड़ी में विगत दिनों एप्लाइड एवं बेसिक साइंस विभाग के स्नातक एवं परास्नातक छात्र-छात्राओं ने आगरा के ख्यातिलब्ध दयालबाग एज्यूकेशन इंस्टीट्यूट में हो रहे विभिन्न शोध कार्यों का न केवल निरीक्षण किया बल्कि वैज्ञानिकों से विस्तारपूर्वक जानकारी हासिल की।

डॉ. दुर्गेश बाधवा और असिस्टेंट प्रो. जुगनू वर्मा के मार्गदर्शन में गत दिवस संस्कृति यूनिवर्सिटी के एप्लाइड एवं बेसिक साइंस विभाग के स्नातक एवं परास्नातक छात्र-छात्राओं ने आगरा के दयालबाग एज्यूकेशन इंस्टीट्यूट की ऑन डिमांड लैबोरेट्री, फोटोनिक्स लैबोरेट्री, नैनो साइंस लैबोरेट्री, न्यूरल नेटवर्क लैबोरेट्री तथा मैटीरियल साइंस लैबोरेट्री आदि में हो रहे शोध कार्यों का गहनता से निरीक्षण किया। इस अवसर पर दयालबाग एज्यूकेशन इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. पी. कालरा और पी.के. दत्तू ने संस्थान में चल रहे शोध कार्यों से अवगत कराया। कैमेस्ट्री के विभागाध्यक्ष प्रो. शाहब दास, प्रो. महाराज कुमारी, प्रो. सी.एम. मार्कन, डॉ. के.एस. दया तथा डॉ. लोतिका सिंह ने छात्र-छात्राओं को अपनी-अपनी प्रयोगशालाओं में उपलब्ध विभिन्न उपकरणों की कार्यप्रणाली तथा उनकी उपयोगिता से अवगत कराया। विद्वतजनों ने छात्र-छात्राओं के विभिन्न प्रश्नों के समाधान भी किए।

शैक्षिक भ्रमण से लौटे छात्र-छात्राओं ने जहां इसे उपयोगी बताया वहीं कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने कहा कि संस्कृति यूनिवर्सिटी शिक्षा में शोध कार्यों को ज्यादा से ज्यादा महत्व देने की पक्षधर है। श्री गुप्ता ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण से छात्र-छात्राओं में उच्चस्तरीय शोध कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। युवा शोधार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए संस्कृति यूनिवर्सिटी हमेशा उनके साथ है। उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण से छात्र-छात्राओं में टीमभावना पैदा होती है तथा उनमें नए-नए विचार जन्म लेते हैं। कुलपति डॉ. राणा सिंह ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि उन्होंने शैक्षिक भ्रमण में जिन शोध कार्यों के बारे में जानकारी हासिल की है, उन पर निरंतर अभ्यास भी करें।

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