भारत का गलत नक्‍शा दिखाने पर WHO को चिट्ठी लिखकर दी सख्‍त चेतावनी

नई दिल्‍ली। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन WHO के मानचित्रों में भारत की सीमाओं को गलत ढंग से दिखाया जा रहा है। भारत ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए WHO के चीफ टेड्रोस एडहानॉम को चिट्ठी लिखी है। जानकारी के अनुसार चिट्ठी में बेहद सख्‍त लहजे में कहा गया है कि गलत नक्‍शे को फौरन सुधार लिया जाए। भारत की तरफ से इस मुद्दे पर पिछले एक महीने में WHO को लिखी गई यह तीसरी चिट्ठी है। इससे पहले दिसंबर में दो बार WHO चीफ को पत्र लिखा जा चुका है। पिछले हफ्ते यूएन में भारत के परमानेंट प्रतिनिधि इंद्र मणि पांडेय ने WHO चीफ को इस बारे में जानकारी दी।
भारत ने साफ किया है कि WHO के पोर्टल पर मौजूद वीडियोज और मैप्‍स में उसकी सीमाओं को ठीक से नहीं दर्शाया जा रहा। एचटी के मुताबिक 8 जनवरी को WHO चीफ को लिखी चिट्ठी में पांडेय ने लिखा है, “मैं WHO के अलग-अलग वेब पोर्टल पर नक्‍शों में भारत की सीमाओं को गलत ढंग से दर्शाए जाने पर बेहद नाराजगी जाहिर करता हूं। इस मामले में मैं आपको WHO को भेजे गए हमारे पिछले संदेशों की भी याद दिलाना चाहूंगा जिनमें हमने इन्‍हीं गलतियों की बात की थी। मैं आपसे इस मामले में तुरंत दखल देखकर भारत की सीमाओं को गलत ढंग से प्रदर्शित करना बंद करवाने की गुजारिश करता हूं। कृपया सही मानचित्रों का प्रयोग करें।”
WHO के मैप में क्‍या-क्‍या गड़बड़ी?
WHO के मैप्‍स में जम्‍मू और कश्‍मीर तथा लद्दाख को बाकी भारत से अलग शेड में दिखाया गया है। इसके अलावा 5,168 वर्ग किलोमीटर में फैली शक्‍सगाम घाटी जिसे पाकिस्‍तान ने 1963 में अवैध रूप से चीन के हवाले कर दिया था, उसे चीन का हिस्‍सा दिखाया गया है। 1954 में चीन ने जिस अक्‍साई चिन क्षेत्र पर कब्‍जा किया, उसे नीली स्ट्रिप्‍स में दिखाया गया है। WHO ऐसे ही रंग में चीनी क्षेत्र को दर्शाता है।
भारतीय कानून के तहत देश का गलत नक्‍शा छापना अपराध है। इसके लिए छह महीने की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने कहा कि WHO के कोविड-19 ट्रैकर जिसे दुनियाभर में खूब इस्‍तेमाल किया जाता है, उसमें गलत नक्‍शे का इस्‍तेमाल करना बेहद दुर्भाग्‍यपूर्ण है। WHO और चीन के बीच सांठ-गांठ के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में उसकी तरफ से भारत के नक्‍शे को गलत दिखाना भी संदेह के घेरे में है।
-एजेंसियां

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