सुबह 9 बजे ऑफिस पहुंचने के आदेश को ‘टॉर्चर’ बताकर फंसे एसपी कासगंज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले राज्य प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को सुबह दफ्तर सही समय पर पहुंचने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद कासगंज के एसपी अशोक कुमार का एक वीडियो सामने आया जिसमें वह कहते दिख रहे हैं कि सुबह 9 बजे दफ्तर पहुंचना ‘टॉर्चर’ होता है। उनके इस बयान को गंभीरता से लेते हुए राज्य के डीजीपी ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
कुछ दिन पहले लिए गए इस वीडियो में कुमार ने कहा है, ‘(रात के) 2 बजे, 3 बजे, 4 बजे क्राइम स्पॉट पर जाने के बाद सुबह ठीक 9 बजे ऑफिस आ पाना संभव नहीं है। थोड़ी रियायत होनी चाहिए।’ डीजीपी ऑफिस ने इस बयान का संज्ञान लेते हुए कुमार से सफाई मांगी है। इस बारे में कुमार ने बताया है, ‘सीएम के निर्देश पर कोई सवाल नहीं किया जा सकता और हमें सरकारी नौकर होने के नाते उनका पालन करना है। ऑफिस के घंटों को लेकर मेरे बयान का मीडिया ने गलत मतलब निकाला है। मैंने अपनी सफाई डीजीपी को दे दी है।’
24 घंटे काम करते हैं पुलिस वाले
वहीं, नाम न बताने की शर्त पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनके लिए रियायत होनी चाहिए क्योंकि वे 24 घंटे काम करते हैं। आईपीएस रैंक के एक अफसर ने कहा है, ‘पुलिस एक्ट 1861 के तहत एक पुलिस वाला 24 घंटे ड्यूटी पर होता है। कुछ राज्यों जैसे केरल और दिल्ली ने ड्यूटी के घंटे तय कर दिए हैं लेकिन उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में इस बारे में कुछ नहीं किया गया है।’
शिकायतें सुनने के लिए दिमाग शांत होना जरूरी
अफसर का कहना है कि हर एसएसपी-एसपी रैंक का अफसर जूनियर अफसरों के साथ क्राइम स्पॉट पर होता है, चाहे जो वक्त हो। इसीलिए ऑफिस में समय पर पहुंचना मुश्किल होता है। यह याद रखना चाहिए कि एसपी रैंक के अफसर को हर दिन कई शिकायतें मिलती हैं और याचिकाओं को संयम से सुनना होता है। इसके लिए दिमाग शांत रखने के लिए आराम का न्यूनतम समय तो मिलना ही चाहिए।
-एजेंसियां

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