1 April से उत्तराखंड में शराब की बिक्री पर नहीं लगेगी रोक तो उप्र में दुकानों की हाइवे से दूरी घटाई

Stop the sale of liquor in Uttarakhand from April 1,Due to the distance of liquor shops from the highway
1 April से उत्तराखंड में शराब की बिक्री पर नहीं लगेगी रोक तो उप्र में दुकानों की हाइवे से दूरी घटाई

नई दिल्‍ली। आज सुप्रीम  कोर्ट  ने दो निर्णय सुनाए जिसमें 1 April से उत्तराखंड में शराब की बिक्री पर रोक नहीं लगेगी तो उत्‍तरप्रदेश में शराब की दुकानों की हाइवे से दूरी घटा दी है।अब उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के जिले रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में अब कल से शराबबंदी नहीं होगी। हाईकोर्ट की ओर से जारी आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दे दिया है। इससे उत्तराखंड सरकार और अबकारी विभाग को राहत मिली है। तो उत्‍तरप्रदेश में सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर शराब की दुकानों की दूरी 500 मीटर से घटाकर 220 मीटर कर दी है। सिक्किम व मेघालय को इस सीमा से मुक्त किया गया है।

कोर्ट ने कहा है कि हाईवे पर होटल में शराब नहीं मिलेगी। कोर्ट ने कहा, यदि होटलों को अनुमति दी गई तो पूरा मकसद ही पिट जाएगा। शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण हादसे रोकने के मकसद से कोर्ट ने आदेश दिया था। देश में हर साल 1.42 लाख लोगों की मौत शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण होती है।

चारधाम यात्रा के जिले रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में अब कल से शराबबंदी नहीं होगी। हाईकोर्ट की ओर से जारी आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दे दिया है। इससे उत्तराखंड सरकार और अबकारी विभाग को राहत मिली है।

नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद चारधाम के तीन जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में कल से शराब पर प्रतिबंध लगना था। उत्तराखंड सरकार ने इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिए थे। हालांकि आबकारी विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। जिस पर आज सुनवाई हुई। मीडिया के हवाले से खबर है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर स्टे दे दिया है। इसके बाद अब तीनों जिलों में शराब की बिक्री पूर्व की तरह रहेगी। हालांकि अब शासन को बृहस्पतिवार को जारी शासनादेश को बदलना होगा, जिसमें उसने तीनों जिलो में शराब बैन के आदेश दिए थे।

बता दें कि दिसंबर 2016 में हाईकोर्ट ने एक रिट पर उत्तराखंड सरकार को चारधाम के तीन जिलों में शराब प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए थे। एक अफसर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से पक्ष में फैसला न आने पर हाईकोर्ट के आदेश का मानना बाध्यकारी होगा, लेकिन अब हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे मिल गया है।- एजेंसी

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