21 देशों में होगी Sterling Biotech घोटाले की जांच, एलआर भेजने की ईडी को मंजूरी

नई दिल्ली। Sterling Biotech मामले में दिल्ली की एक अदालत ने 21 देशों को एलआर भेजने की ईडी को मंजूरी दे दी है। इन देशों में अमेरिका, चीन, पनामा तथा ऑस्ट्रिया भी शामिल हैं।
साथ ही अलबानिया को भी एलआर भेजा जाएगा, जहां की नागरिकता Sterling Biotech के दो निदेशकों नितिन संदेसरा और चेतनकुमार संदेसरा ने ली है।
Sterling Biotech से जुड़े 8,100 करोड़ रुपये के बैंक फर्जीवाड़ा मामले की जांच में सहायता के लिए ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित 21 देशों को लेटर्स रोगेटरी (LR) भेजने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मंजूरी दे दी है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने ED की अमेरिका, चीन, पनामा तथा ऑस्ट्रिया सहित विभिन्न देशों को एलआर (लेटर्स ऑफ रिक्वेस्ट) भेजने के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह मंजूरी दी। ईडी अलबानिया को भी एलआर भेजेगी।
दरअसल, अदालत के विशेष अभियोजक नितेश राणा ने कोर्ट को सूचित किया था कि Sterling Biotech के दो निदेशकों नितिन संदेसरा और चेतनकुमार संदेसरा ने अलबानिया की नागरिकता हासिल कर ली है। इस जानकारी के सामने आने के बाद कोर्ट ने ईडी को हाल में अलबानिया को प्रत्यर्पण आवेदन भेजने की मंजूरी दी थी।
ईडी द्वारा जारी इंटरपोल नोटिस के आधार पर कंपनी के एक अन्य निदेशक हितेश भाई पटेल को अलबानिया की राजधानी तिराना में 20 मार्च को गिरफ्तार किया गया।
ईडी के वकील ए. आर. आदित्य ने अदालत में याचिका दाखिल कर कुछ अन्य देशों को एलआर भेजने की मांग की थी, जिनमें सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, हांगकांग, इंडोनेशिया, बारबाडोस, बरमूडा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, साइप्रस, कोमोरोस, जर्जी, लिचटेंस्टाइन, मॉरिशस, नाइजीरिया और सेशेल्स जैसे देश शामिल थे।
यह है आरोप
आरोप है कि कंपनी ने आंध्र बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया, जो बाद में एनपीए में तब्दील हो गया। कंपनी पर कुल मिलाकर 8,100 करोड़ रुपये का कर्ज डकारने का आरोप है।
मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ईडी
ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के आरोप पत्र के आधार पर मामला दर्ज किया था और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को घूस देने के आरोपों की भी जांच चल रही है। इस मामले में एजेंसी अब तक पांच आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है और 4,710 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है।
-एजेंसियां

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