तमिलनाडु में 12,400 करोड़ के प्रोजेक्ट शुरू कर पुडुचेरी में बोले PM मोदी, यहां के CM पार्टी लीडर की चप्पलें उठाने में एक्सपर्ट थे

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को दक्षिण भारत के दो चुनावी राज्यों पुडुचेरी और तमिलनाडु पहुंचे। यहां उन्होंने हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। पुडुचेरी में करीब 3 हजार करोड़ और तमिलनाडु में 12,400 करोड़ रुपए की लागत से परियोजनाएं शुरू की गईं।
तमिलनाडु में तो मोदी ने विरोधियों पर सियासी हमले नहीं किए, लेकिन पुडुचेरी में कांग्रेस और उसके नेता उनके निशाने पर रहे। यहां एक रैली में उन्होंने कहा कि कांग्रेस के हाईकमान कल्चर से पुडुचेरी को नुकसान हुआ है। मैं देख रहा हूं कि पुडुचेरी की हवा बदल रही है।
मोदी ने कहा कि 2016 में पुडुचेरी को लोगों की सरकार नहीं मिली। उन्हें ऐसी सरकार मिली जो दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की सेवा में व्यस्त थी। उनकी प्राथमिकताएं अलग थीं। आपके पूर्व CM अपनी पार्टी के टॉप लीडर की चप्पल उठाने में एक्सपर्ट थे। पुडुचेरी एक ऐसी सरकार का हकदार है, जिसकी हाईकमान यहां के लोग हों, न कि दिल्ली में बैठा कांग्रेस नेताओं का एक छोटा ग्रुप।
मोदी ने कहा कि अगर आप पूछेंगे कि पुडुचेरी के लिए मेरा मैनिफेस्टो क्या है तो मैं कहूंगा कि पुडुचेरी बेस्ट हो। NDA पुडुचेरी को बेस्ट बनाना चाहता है। BEST से मेरा मतलब है कि बिजनेस हब के लिए B, एजुकेशन हब के लिए E, स्प्रिचुअल हब के लिए S और टूरिज्म हब के लिए T।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता यहां आए और कहा कि हम मछुआरों के लिए अलग मिनिस्ट्री बनाएंगे। मैं हैरान रह गया। सच तो यह है कि हमारी सरकार 2019 में ही ऐसा कर चुकी है।
भाषण में 2015 की घटना का जिक्र
हाल में पुडुचेरी की कांग्रेस सरकार गिर गई थी। नारायणसामी इसमें मुख्यमंत्री थे। 2015 में नारायणसामी का एक वीडियो सामने आया था। इसमें वे तब कांग्रेस के उपाध्यक्ष रहे राहुल गांधी की चप्पलें उठाते दिख रहे थे। राहुल गांधी पुडुचेरी के दौरे पर थे। इस दौरान वे ऐसे इलाके में गए थे, जहां बाढ़ आई हुई थी। पानी से निकलने के लिए राहुल ने चप्‍पलें उतारीं तो नारायणसामी ने चप्पलों को हाथ में उठा लिया। कुछ देर बाद नारायणसामी ने राहुल के सामने चप्‍पलें रखीं। राहुल ने बिना कुछ कहे चप्‍पलें पहन लीं थीं।
तमिलनाडु पर BJP की खास नजर
पुडुचेरी के बाद मोदी तमिलनाडु पहुंचे। 14 दिन में वे दूसरी बार ​​तमिलनाडु के दौरे पर गए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में भाजपा का फोकस उस एससी-एसटी और अल्पसंख्यक समुदाय पर पकड़ बनाना है, जो वहां की आबादी का 30% हैं। इसके अलावा भाजपा उत्तर भारतीय पार्टी होने की छवि को भी तोड़ना चाहती है।
यहां मोदी समेत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण और स्टार प्रचारक कई कार्यक्रम कर चुके हैं। तमिलनाडु में भाजपा अन्नाद्रमुक के साथ मिलकर चुनाव मैदान में है, जहां उसका सामना द्रमुक और कांग्रेस के गठबंधन से है।
पावर प्रोजेक्ट और बांध के प्रोजेक्ट की शुरुआत
PM मोदी ने कोयंबटूर में भवानी सागर बांध के आधुनिकीकरण की आधारशिला रखी। इससे 2 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन की सिंचाई होगी। इस योजना से इरोड, करूर, तिरुप्पूर जिले के किसानों को फायदा होगा। मोदी ने कहा कि भारत की इंडस्ट्री ग्रोथ में तमिलनाडु अहम भूमिका निभा रहा है। इंडस्ट्री ग्रोथ के लिए लगातार पावर सप्लाई मिलना जरूरी है। आज देश को 2 बड़े पावर प्रोजेक्ट मिल रहे हैं। एक और पावर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी जा रही है।
तमिलनाडु में भाजपा के गेमप्लान पर एक्सपर्ट के 3 पॉइंट
1. राजनीतिक विश्लेषक भाजपा के बड़े नेताओं के लगातार दौरों को बड़ी कोशिश के तौर पर देख रहे हैं। इसके जरिए पार्टी तमिलनाडु के निचले तबके के वोटों को अपने पाले में लाना चाहती है। भाजपा पश्चिमी तमिलनाडु की गाउंडर्स, मदुरई, दक्षिण तमिलनाडु के थेवार समुदाय, उत्तर तमिलनाडु की वानियार्स और नाडर्स समुदाय को भी अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है।
2. पार्टी अपने उन विरोधियों को भी संदेश दे रही हैं, जो कहते हैं कि भाजपा उत्तर भारत की पार्टी है। भाजपा की एक और बड़ी रणनीति खुद को तमिल समर्थक दिखाना है।
3. भाजपा के सामने दूसरी बड़ी चुनौती उत्तर बनाम दक्षिण या हिंदी बनाम तमिल की लड़ाई से निपटना है। यही वजह है कि अपने कार्यक्रमों में मोदी समेत केंद्रीय नेता तमिल भाषा की समृद्धि पर बात करते हैं और यहां के कवियों का जिक्र करते हैं।
-एजेंसियां

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