ऑफिस में बढ़ता जा रहा है स्टैंडिंग डेस्क का चलन

ऑफिस में घंटों तक बैठे-बैठे काम करना थकान भरा और उबाऊ तो होता ही है, साथ ही सेहत के लिए भी नुकसानदायक होता है।
शायद यही वजह है कि अब अपने कर्मचारियों की सेहत को देखते हुए कई टेक कंपनियों ने अपने यहां स्टैंडिंग डेस्क का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
इन डेस्कों की खास बात यह है कि बस बटन दबाकर इन्हें सीट के लेवल में लाया जा सकता है। यानी आप चाहे तो बैठकर काम कर सकते हैं लेकिन जब असहज महसूस होने लगे तो फिर बटन दबाकर उसे ऊपर कर सकते हैं ताकि खड़े रहकर काम किया जा सके। बेंगलुरू स्थित इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी गोल्डमेन सेक्स के सभी ऑफिसों के वर्क डेस्क स्टैंडिंग ही हैं। इनकी मदद से कर्मचारी अब पहले के मुकाबले अधिक मूव कर पाते हैं और सीट पर कम बैठते हैं। कुछ कर्मचारी तो ऐसे भी हैं तो लगातार 2 घंटे तक खड़े रहकर काम करना पसंद करते हैं।
स्टैंडिंग डेस्क के फायदे
1- घंटों तक बैठे-बैठे काम करने से वजन बढ़ने और तोंद निकलने का खतरा रहता है लेकिन स्टैंडिंग डेस्क की मदद से इससे निजात पायी जा सकती है। बैठे रहने से बेहद कम कैलरी बर्न होती हैं, जिसके कारण वजन बढ़ने लगता है लेकिन खड़े रहने से काफी कैलरी बर्न हो जाती हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार सप्ताह में अगर रोजाना कुछ देर खड़े रहकर काम किया जाए तो इससे कम से कम 1 हजार कैलरी बर्न होती हैं।
2- स्टैंडिंग डेस्क यानी स्टैंड-अप डेस्क पर काम करने से ब्लड शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है। 10 ऑफिस कर्मचारियों पर जब एक स्टडी की गयी तो उसमें सामने आया कि 180 मिनट तक खड़े होकर काम करने से उनका ब्लड शुगर लेवल 43 फीसदी कम हो गया। जबकि इतने ही समय तक बैठने के दौरान ब्लड शुगर तेजी से बढ़ गया।
3- ऑफिस में घंटों तक बैठकर काम करने से सबसे ज्यादा दिक्कत कमर में होती है। ज्यादातर ऑफिस कर्मचारी कमर दर्द की शिकायत करते हैं लेकिन स्टैंडिंग डेस्क की मदद से इसे कम किया जा सकता है।
-एजेंसियां

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