श्रीलंका ने कहा, लद्दाख पर निर्णय लेना भारत का आंतरिक मामला

कोलंबो। श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बनाना भारत का आंतरिक मामला है.
भारत सरकार ने सोमवार को जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांटने का प्रस्ताव संसद में पेश किया. चिर प्रतीक्षित मांग पूरा होने पर बौद्ध बहुल लेह शहर के लोगों ने खुशियां मनायी. विक्रमसिंघे ने सोशल मीडिया साइट पर एक पोस्ट में कहा, लद्दाख और राज्य का पुनर्गठन भारत का आंतरिक मामला है.
श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने कहा कि लद्दाख आखिरकार भारतीय राज्य (केंद्रशासित क्षेत्र) बन जायेगा. उन्होंने कहा, मैं मानता हूं कि आखिरकार लद्दाख भारतीय राज्य (केंद्रशासित क्षेत्र) बन जायेगा. लद्दाख में 70 प्रतिशत बौद्ध आबादी है और बौद्ध बहुल यह पहला भारतीय राज्य होगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि वह लद्दाख गये हैं और यह वास्तव में शानदार यात्रा थी. श्रीलंका बौद्ध बहुल देश है. यहां 74 प्रतिशत नागरिक बौद्ध धर्म के हैं.
-एजेंसियां

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