जन्मस्थान ने CM को ल‍िखा पत्र, देवालय बंद तो मदिरालय चालू क्‍यों

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्म स्थान सेवा संस्थान ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आद‍ित्यनाथ को शराब की दुकानें खोले जाने के न‍िर्णय पर पुनर्व‍िचार करने हेतु एक पत्र ल‍िखा है। पत्र में प्रबंध-समिति के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने मंद‍िरों के बंद रखे जाने के बावजूद शराब की दुकानों को खोलने के न‍िर्णय पर गहरी न‍िराशा व्यक्त‍ि की है।

उन्होंने ल‍िखा क‍ि आख‍िर ज‍िस सोशल ड‍िस्टेंस‍िंग के ल‍िए मंद‍िरों को बंद क‍िया गया, अब उसी की धज्ज‍ियां शराब की दुकानों पर उड़ाई जा रही हैं। इससे मंद‍िरों से दूर रहने वाले पुजार‍ियों व सेवायतों के साथ साथ दर्शनार्थ‍ियों को भी गहरा आघात लगा है।

पत्र में ल‍िखा गया है क‍ि आपके नेतृत्व में वैश्व‍िक महामारी कोरोना की रोक-थाम हेतु लगाये गये अनेक प्रतिबंधों में शराब व पान मसाला-गुटखा बिक्री पर प्रतिबंध लगाये जाने का स्वागत आम गृहणी से लेकर जन-सामान्य तक ने किया, जो चिकित्सकीय कारणों से भी अत्यावश्यक था।

यही नहीं, धार्मिक स्थानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ से संभावित संक्रमण की आशंका के दृष्ट‍िगत मन्दिर तथा धार्मिक उत्सवों तक को लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिग संबंधी नियमों के चलते श्रद्धालुओं के लिये बन्द रखने के न‍िर्देश द‍िए गए। इन निर्देषों का भी संबंधित देवालयों के प्रबंधन ने राष्ट्रहित में समर्थन कर पूर्ण सहयोग किया है।

इतना ही नहीं, भक्तों ने नव सम्वत तथा दुर्गा पूजा और राम नवमी जैसे पर्वों को घर पर ही मनाकर इस दैवीय आपदा को रोकने में सरकार का पूर्ण सहयोग किया है। यहां तक कि हजारों वर्ष की परंपरा से हटकर बद्रीनाथधाम जैसे श्रद्धा केन्द्र के पट खुलने की तिथि में हस्तक्षेप भी धैर्यपूर्वक स्वीकार किया गया है।

इस सबके बावजूद सरकार ने अब शराब की दुकानों को खोलने की छूट देकर पिछले 45 दिन की तपस्या को जैसे ग्रहण लगा देने का कार्य कर दिया है, जहां डिस्टेंसिंग के सारे नियम ध्वस्त होते देखे गये हैं, नशेड़ियों का उत्पात व घरेलू हिंसा के मामले बढ़े सो अलग।

ख़ास बात है उत्तर प्रदेश सरकार का कोरोना प्रतिरोध प्रबंधन व अथक परिश्रम सराहनीय रहा है किन्तु शराब बिक्री की छूट के निर्णय ने सभी को निराश किया है।

अच्छा होता क‍ि शराब के ठेके खोलने से पहले इस वैश्व‍िक संकट के मध्य देवालयों को सोशल डिस्टेंसिंग अनुपालन के साथ खोलकर जनता को अपने आराध्य के समक्ष प्रार्थना करने का अवसर दिया जाता, जिससे पूजा-पाठ से जुड़े हजारों व्यक्तियों को राहत मिलती।

गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने लिखा है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान आपसे यह अपेक्षा करता है क‍ि आप अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार कर त्वरित व प्रभावी निर्णय की शीघ्र घोषणा करेंगे।

-Legend News

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