BJP के दमदार प्रदर्शन से Dalal street में बहार

Spring in Dalal Street the strong performance of BJP
BJP के दमदार प्रदर्शन से Dalal street में बहार

नई दिल्ली। 5 राज्यों की विधानसभा चुनावों में BJP के दमदार प्रदर्शन से Dalal street में बहार आ गई। बीजेपी की जबर्दस्त जीत से संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में सत्ताधारी दल को मजबूती मिलेगी। इससे आर्थिक सुधारों की प्रक्रिया में तेजी आने के आसार हैं। इसी उम्मीद में निवेशकों ने दिल खोलकर खरीदारी की। निफ्टी ने 9,122.75 अंकों का रेकॉर्ड उच्च स्तर प्राप्त कर लिया। वहीं, सेंसेक्स में भी 600 अकों के बड़ी उछाल आई।
आइए, दलाल स्ट्रीट में आई इस बहार के प्रमुख पांच कारणों पर नजर डालते हैं…
बीजेपी की जीत: उत्तर प्रदेश विधानसभा की कुल 403 सीटों में से बीजेपी ने अकेले दम पर 312 सीटें अपने नाम कर लीं जबकि 13 अन्य सीटें उसके गठबंधन दलों के खातों में भी आईं। इस जीत की खास बात यह है कि बीजेपी का विजय पताका चांदपुर, मुरादाबाद नगर, देवबंद नानपाड़ा, नाकुर और नूरपुर जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में भी फहरा। विश्लेषक मानते हैं कि यूपी फतह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में भी जीत का रास्ता साफ कर दिया। ASK इन्वेस्टमेंट के बिजनस हेड प्रतीक अग्रवाल ने कहा, ‘पहली बार यह स्पष्ट तौर पर देखने को मिल रहा है कि बाजार मुश्किल और कठिन निर्णयों का समर्थन कर रहा है जो मध्यावधि या दीर्घावधि में देश के लिए फायदेमंद साबित होंगे। पहले की सरकार फैसले लेने में हिचकिचाती रही जिससे अस्थिरता का वातावरण तैयार हो गया था लेकिन अब लगता है कि वह जमाना बीत गया।’
वैल्युएशन: जीटीआई कैपिटल ग्रुप के मैनेजिंग पार्टनर माधव धर के मुताबिक अगर वैल्युएशन काफी बढ़-चढ़कर नहीं भी हुआ तो बहुत कमजोर भी नहीं रहा। इसका मतलब है कि कोई आकर्षक दीघार्वधि खरीद अवसरों को नजरअंदाज नहीं कर सकता। धर ने कहा, ‘जब कभी भी आप भारत में संरचनात्मक रूप से देर तक टिकना चाहते हैं, तो हर बार किसी-न-किसी तरह की हलचल या कोहराम और पुनर्मूल्यांकन की स्थिति मुंह बाए खड़ी हो जाती है। तब आपमें मजबूती से डटे रहने की हिम्मत होनी चाहिए। डॉलर के मुकाबले रुपये के 69 के आंकड़े तक गिरने के वक्त भी कोहराम मच गया था। तब भी हलचल हुई जब मोदी सरकार के पहले बजट ने निराश किया। इसी तरह नोटबंदी से हरेक ने अंदाजा लगाना शुरू कर दिया कि भारत में क्या चल रहा है। आप चाहें तो थोड़ा संभलकर चल सकते हैं लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि आप खरीद के अवसरों को गंवा नहीं सकते।’ भारतीय शेयर वित्त वर्ष 2017-18 की अनुमानित आय के 17 गुना पर ट्रेड कर रहे हैं जो 10 साल के औसत से बिल्कुल अलग स्टैंडर्ड डेविएशन है।
अब शैतान का डर खत्म: विशेषज्ञों का मानना है कि नोटबंदी पर चर्चा अब खत्म हो चुकी है। मशहूर अर्थशास्त्री लॉर्ड मेघनाथ देसाई ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का सबसे बड़ा जोखिम भरा फैसला लिया। लोगों ने थोड़ी शिकायत तो की लेकिन सुधारों के नजरिए से यह सुखद रहा। उन्होंने कहा, ‘राजनीतिक दलों ने समस्या को बढ़ा-चढ़ाकर कर बताया। उन्होंने नोटबंदी की वजह से अर्थव्यवस्था को नुकसान की फालतू में बहुत ज्यादा आशंका जता दी। उन्होंने संसद के शीत सत्र को चलने नहीं दिया जबकि अर्थव्यवस्था के विकास पर इसका नाम मात्र का असर हुआ। अब तो स्पष्ट हो चुका है कि ज्यादातर लोगों ने नोटबंदी का स्वागत ही किया। जैसा कि मैंने पहले ही कहा था, विकास पर इसका बिल्कुल मामूली असर हुआ है। अब मोदी सरकार सुधारों के रास्ते पर सरपट दौड़ लगाएगी।’
बढ़ेगा निवेशकों का मनोबल: मिजुहो बैंक के भारत प्रभारी तीर्थंकर पटनायक का मानना है कि चुनाव के परिणाम पीएम मोदी को खुली छूट देने जैसे हैं। उन्होंने कहा, ‘नोटबंदी पर अब कोई सवाल नहीं रहा, सरकार के फैसले पर तो कतई नहीं। नोटबंदी का दीर्घकालिक असर हम आर्थिक जानकारों को सोचने को मजबूर कर देगा जब उससे जुड़े आंकड़े आएंगे लेकिन मार्केट क्या कहता है इस पर गौर करें तो देश की जनता नोटबंदी पर क्या सोचती है यह जानने के बाद हमें और पुचकारने की जरूरत नहीं है। चुनाव नतीजों के बाद राज्यसभा में बीजेपी को मिलने वाली 30 सीटें विदेशी निवेशकों को आकर्षित करेंगी क्योंकि उच्च सदन में बीजेपी को बहुमत मिलने के बाद आर्थिक सुधारों की ओर तेजी से बढ़ा जा सकता है।’ उन्होंने कहा, ‘जीएसटी पर अब कुछ कहने की जरूरत नहीं है। साफ है कि जैसा समर्थन बीजेपी को मिला है, इससे और राज्य भी जल्द ही जीएसटी के लिए राजी हो जाएंगे।’
जीएसटी से रिकवर होगी इकॉनमी: ऐसी उम्मीद रही है कि अगर बीजेपी मजबूत होती है तो जीएसटी को लागू करने की प्रक्रिया तेज होगी। पिछले कई सालों से अटके जीएसटी बिल को आजादी के बाद का ‘सबसे बड़ा’ आर्थिक सुधार कहा जा रहा है। जीएसटी के लागू होने से अर्थव्यवस्था तेजी से रिकवर करेगी। पीएमएस ग्रुप के सीईओ अजय बोडके का कहना है, ‘राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य यूपी में बीजेपी की प्रचंड जीत पीएम मोदी को मूलभूत आर्थिक सुधारों की दिशा में तेज फैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे भारत की ग्रोथ में तेजी आएगी।’
-एजेंसी

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