संभावित कैबिनेट फेरबदल में मंथन के बीच अटकलों ने बढ़ाया सस्‍पेंस

नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट में फेरबदल को लेकर कल तक भी इंतज़ार करना मुश्‍किल हो रहा है। इसमें किसे जगह मिलेगी और कौन होगा निराश, इस बावत कयासों की लंबी चौड़ी सूची है।

कैबिनेट फेरबदल को लेकर एक तरफ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मंथन का दौर चल रहा है तो दूसरी तरफ अटकलों ने सियासी सस्पेंस बढ़ा दिया है। इस बीच एनडीए के घटक दलों में भी बेचैनी बढ़ गई है। शिवसेना, जेडीयू और एआईडीएमके को लेकर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ सांसदों को राष्ट्रपति भवन से 10:30 बजे का निमंत्रण पत्र मिला है।

क्‍या  शिवसेना को फिर झटका मिलेगा

शिवसेना का कहना है कि उसे भी तक इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है। कहा गया कि खुद उद्धव ठाकरे को मीडिया से ही जानकारी मिली है। सूत्रों के मुताबिक इस बार शिवसेना को मौका नहीं मिलेगा। यह भी कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री शिवसेना के एकमात्र मंत्री अनंत गीते के प्रदर्शन से खुश नहीं हैं और शिवसेना को गीते के बदले दूसरा चेहरा देने को कहा जा सकता है। पिछली बार भी शिवसेना के राज्यसभा सांसद अनिल देसाई का पत्ता आखिरी समय में कट गया था।

एआईडीएमके पर आंतरिक कलह भारी

दूसरी तरफ तमिलनाडु की पार्टी में चल रही आंतरिक कलह इसके सरकार में शामिल होने की राह में एक बड़ा रोड़ा साबित हो सकती है। पार्टी के भीतर के संकट को दूर करने में जुटी एआईडीएमके टीटीवी दिनाकरण की बगावत से जूझ रही है।
जेडीयू के सासंदों का दिल्ली में डेरा

इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कहा कि उन्हें अब तक सरकार में शामिल होने की जानकारी नहीं दी गई है। प्रस्ताव आने के बाद विचार किया जाएगा। जेडीयू के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘हमारे सांसद दिल्ली में हैं। सरकार में शामिल होने को लेकर पार्टी में कोई विवाद नहीं है, लेकिन कल फेरबदल होने के बावजूद अब तक कोई संवाद नहीं किया गया है।’

बीजेपी के सूत्रों ने इन दलों के सरकार में शामिल होने को लेकर चल रही उलझन को खारिज करते हुए कहा कि चीजें ठीक हो जाएंगी। ऐसा माना जा रहा है कि मोदी की ओर से योग्यता और व्यवहारिक राजनीति पर दिए जाने वाले जोर के बीच संतुलन के तहत छह से ज्यादा मंत्रियों को नए चेहरों के लिए अपने पद छोड़ने पड़ सकते हैं।

मोदी कैबिनेट के जिन केंद्रीय मंत्रियों ने फेरबदल से पहले कल इस्तीफा दिया था, उनके नाम हैं- कलराज मिश्र, बंडारू दत्तात्रेय, राजीव प्रताप रूडी, संजीव कुमार बालियान, फग्गन सिंह कुलस्ते और महेंद्र नाथ पांडे। उमा भारती ने भी इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन भाग्य संभवत: उनके पक्ष में है। हालांकि ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कई अन्य लोगों का इस्तीफा हो सकता है।
-एजेंसी