कई मायनों में खास रहा इस बार भारत का गणतंत्र दिवस समारोह, सेना ने किया नए हथियारों का प्रदर्शन

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान मौजूद राष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान मौजूद राष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में राजपथ पर जब 70वें गणतंत्र दिवस की सुबह भारतीय सैन्यबल की झांकी निकली तो हर देशवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। थलसेना, वायुसेना और नौसेना की टुकड़ियों ने जब परेड के लिए कदम बढ़ाए तो हर बीट पर देशभक्ति की धुन ही सुनाई दे रही थी। उतने ही गौरवान्वित करने वाले वे पल रहे, जहां सैन्य हथियारों के साथ देश की ताकत का प्रदर्शन किया गया।
राजपथ पर भव्य परेड का नेतृत्व मेजर जनरल असित मिस्त्री ने किया। परेड के दौरान T-90 (भीष्म), भारतीय थलसेना के मुख्य जंगी टैंक का प्रदर्शन 45 कैवलरी के कैप्टन नवनीत एरिक ने किया।
राजपथ पर परेड के जरिए पूरी दुनिया ने भारत की ताकत देखी। स्वचालित हॉवित्जर, K-9 और वज्र-T का प्रदर्शन कैप्टन देवांश भूटानी ने किया। देश की सेना की ताकत सरफेस माइन्स क्लियरिंग सिस्टम और आकाश मिसाइल और आकाश में रहकर देश की रक्षा करने वाले ध्रुव और रुद्र हेलिकॉप्टर का भी प्रदर्शन किया गया।
इस साल की परेड में लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी ने भी इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराते हुए सेना के दल का नेतृत्व किया जिसमें सभी पुरुष थे। उधर, लेफ्टिनेंट अंबिका सुधाकरन ने भारतीय नौसेना की मार्चिंग रेजिमेंट का नेतृव किया। असम राइफल्स के महिला दस्ते ने पहली बार परेड में सलामी दी।
पहली बार परेड में आर्मी ने अपनी नई आर्टिलरी का प्रदर्शन किया। पिछले साल ही अमेरिका से लाई गई एम777 ए2 अल्ट्रा लाइट होवित्सर भी इस परेड में देखने को मिली। इसके अलावा भारत में ही बनी के9 वज्र का प्रदर्शन भी किया गया, इसका निर्माण एल ऐंड टी ने पीएम मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ के तहत किया था।
इस बार का गणतंत्र दिवस कई मायनों में खास रहा। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर भारत का पराक्रम और ताकत देखने को मिला। इस बार आर्मी में शामिल किए गए नए हथियारों के अलावा महिला अर्द्धसैनिक बल द्वारा मार्च पहली बार मार्च किया गया। पहली बार ऐसा हुआ जब पुरुष टीमों का नेतृत्व भी महिला ऑफिसरों ने ही किया। बोफोर्स के आने के 30 साल बाद पहली बार आर्मी एम777 और के9 वज्र का प्रदर्शन रिपब्लिक डे परेड में किया गया।
एम777 एक 155एमएम आर्टिलरी गन है, जिसकी अधिकतम रेंज 30 किलोमीटर है। यह बंदूक अफगानिस्तान में युद्ध के दौरान भी इस्तेमाल की गई थी। 2017 में भारत और अमेरिका के बीच 5000 करोड़ रुपये की लागत से 145 होवित्सर खरीद की डील हुई थी। वहीं दूसरी तरफ के9 वज्र दक्षिण कोरियाई आर्टिलरी गन है। एल ऐंड टी इस गन टेक्नॉलजी को दक्षिण कोरिया से लाई है। कंपनी ने 4500 करोड़ रुपये में 100 यूनिट की सप्लाई की है।
डीआरडीओ के दो डिफेंस प्रॉजेक्ट- मध्यम दूरी की सर्फेस टु एयर मिसाइल और अर्जुन आर्म्ड रिकवरी ऐंड रिपेयर वीइकल, जिनका अभी ट्रायल चल रहा है, का भी इस परेड में पहली बार प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा सर्फेस माइन क्लीयरिंग वीइकल का भी पहली बार प्रदर्शन हुआ।
राजपथ पर फ्लाईपास्ट के दौरान, 32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने पहली बार बायो फ्यूल से उड़ान भरी। इसके अलावा नेता जी की आर्मी आईएनए का हिस्सा रहे चार व्यक्ति भी पहली बार परेड में हिस्सा लिया।
बड़े-बड़े हथियारों के अलावा परेड का मुख्य आकर्षण सेना की महिला शक्ति भी रही। पहली बार महिला अर्द्धसैनिकों की टुकड़ी परेड में हिस्सा लिया। यह टुकड़ी असम राइफल का हिस्सा है, जो देश का सबसे पुराना अर्द्धसैनिक बल है। इस टुकड़ी का नेतृत्व मेजर खुशबू कंवर ने किया।
पैदल चलकर पीएम मोदी ने किया जनता का अभिवादन
गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परेड समाप्त होने के बाद मौजूद जनसमूह का अभिवादन किया। पीएम ने काफी दूर तक पैदल चलकर बैरिकेड्स के पास तक पहुंचकर लोगों का अभिवादन किया। बता दें कि पूर्व में भी पीएम कई बार प्रोटोकॉल तोड़कर जनता का अभिवादन स्वीकार करने जा चुके हैं।
पीएम गणमान्य अतिथियों के जाने के बाद भी रुके रहे और अकेले ही लोगों की तरफ हाथ हिलाकर अभिवादन किया। मौजूद जनसमुदाय ने भी मोदी-मोदी का जयकार किया।
इससे पहले 15 अगस्त के मौके पर भी पीएम स्कूली बच्चों को इंतजार करते देख रुके थे और बच्चों के बीच पहुंचकर उनसे हाथ मिलाया और तस्वीरें खिंचवाईं। पीएम ने गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्वीट कर देशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं। विदेश यात्राओं के दौरान भी पीएम मिलने आए भारतीय परिवारों को निराश नहीं करते हैं और उनसे जरूर मिलते हैं।
-एजेंसियां

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