‘हलाल सर्टिफिकेशन: एक आर्थिक जिहाद’ विषय पर विशेष संवाद

नई दिल्ली। वर्तमान में भारतीय मुसलमानों द्वारा केवल मांस ही नहीं, अपितु प्रत्येक पदार्थ एवं वस्तु इस्लाम के अनुसार वैध अर्थात ‘हलाल’ होने की मांग की जा रही है। उसके लिए विविध प्रतिष्ठानों को ‘हलाल सर्टिफिकेट (प्रमाणपत्र)’ लेना अनिवार्य किया जा रहा है। इसके द्वारा धार्मिकता के आधार पर चलाई जाने वाली ‘इस्लामी अर्थव्यवस्था’ अर्थात ‘हलाल इकोनॉमी’ अत्यधिक धूर्तता से धर्मनिरपेक्ष भारत में लागू की गई है।

यह ‘हलाल अर्थव्यवस्था’ क्या है ?, कौन कौन से पदार्थ ‘हलाल’ के रूप में बेचे जाते हैं ?, कौन कौन से उद्योग ‘हलाल सर्टिफिकेशन’ की बलि चढ़े हैं ? इसमें सरकार के कौन कौन से विभाग सहभागी होकर  ‘हलाल प्रमाणित’ वस्तुएं बेचते हैं ?, ‘हलाल अर्थव्यवस्था’ के कारण अन्य व्यवसायियों पर क्या प्रभाव पड़ता होता है ?, ‘हलाल सर्टिफिकेट’ लेने के लिए कार्यरत तंत्र सरकारी है अथवा निजी ?, ‘हलाल अर्थव्यवस्था’ से मिलने वाले पैसे का उपयोग निश्चित रूप से किन कारणों के लिए किया जाता है ? आद‍ि अनेक प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ‘चर्चा हिन्दू राष्ट्र की’ इस परिसंवाद माला में ‘हलाल सर्टिफिकेशन: एक आर्थिक जिहाद’ विषय पर ‘विशेष संवाद’ आयोजित किया गया है।

इस विशेष संवाद में झटका सर्टिफिकेशन अथॉरिटी के चेयरमैन रवि रंजन सिंह, विवेकानंद कार्य समिति के अध्यक्ष नीरज अत्री, इस विषय के अभ्यासक तथा  हिन्दू जनजागृति समिति  के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे सम्मिलित होने वाले हैं।

यह कार्यक्रम दिनांक 18 सितंबर 2021 को सायंकाल 7 बजे समिति के ‘HinduJagruti.org’ इस जालस्थल पर, ‘HinduJagruti’ इस ‘यूट्यूब चैनल’ पर एवं ‘@HinduJagrutiOrg’ इस ट्विटर हैंडल पर सब देख सकते हैं । हिन्दू समाज यह कार्यक्रम अवश्य देखे जिससे क‍ि वह समझ पाएं कि क्या वे हलाल प्रमाणित पदार्थ-वस्तुएं तो नहीं ले रहे हैं।

इस कार्यक्रम का अधिकाधिक प्रसार करें, ऐसा आव्‍हान हिन्दू जनजागृति समिति के पंजाब व हरियाणा राज्य के समन्वयक सुरेश मुंजाल ने किया है।

– Legend News

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