Speaker राम निवास गोयल ने कहा ‘मूल प्रस्ताव में नहीं था राजीव गांधी का नाम’

नई दिल्‍ली। दिल्ली विधानसभा के Speaker Ram Niwas Goyal ने पूर्व पीएम राजीव गांधी को भारत रत्न सम्मान वापस लेने की मांग करने के प्रस्ताव को लेकर कहा कि जो प्रस्ताव विधानसभा के पटल पर रखा गया उसमें राजीव गांधी के नाम का जिक्र नहीं था।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का भारत रत्न वापस लेने के विधानसभा से पारित संकल्प पर शुरू हुआ विवाद अब भी शांत नहीं हुआ है। दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को भी दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री का जिक्र संकल्प का हिस्सा नहीं था।

अब दिल्ली के विधानसभा Speaker Ram Niwas Goyal ने पूर्व पीएम राजीव गांधी को भारत रत्न सम्मान वापस लेने की मांग करने के प्रस्ताव को लेकर कहा कि जो प्रस्ताव विधानसभा के पटल पर रखा गया उसमें राजीव गांधी के नाम का जिक्र नहीं था। आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह ने जो भी कहा वह पारित नहीं हुआ।

उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को मीडिया से कहा था कि सिख दंगा मामले में चर्चा के बाद सदन के पटल पर जो प्रस्ताव रखा गया, उस पर कोई भी सुझाव देने के लिए सभी विधायक स्वतंत्र होते हैं। चर्चा के समय न केवल आप विधायक, बल्कि भाजपा के विधायक मनजिंद्र सिंह सिरसा ने भी एक सुझाव दिया था। कोई भी सुझाव तभी मान्य होता है, जब उस पर वोटिंग कराई जाए और उसके समर्थन में वोट पड़ें। राजीव गांधी का भारत रत्न वापस लेने की मांग सदन से पारित संकल्प का हिस्सा नहीं है।

उधर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर हमला बोलते हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में एक प्रस्ताव को पारित करने को लेकर जो कुछ भी हुआ वह 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के जख्मों पर ‘नमक छिड़कने’ के जैसा है। दरअसल शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा ने 1984 में सिखों के खिलाफ हुए दंगों पर एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें यह मांग की गई है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिया गया ‘भारत रत्न’ का सम्मान वापस लिया जाए लेकिन आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस नेता के संदर्भ से खुद को तेजी से अलग कर लिया। -एजेंसी

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