सोनिया ने भी BJP पर साधा निशाना: बोलीं, आज से बड़ी चुनौती कभी नहीं रही

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी की ताजपोशी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सोनिया गांधी ने BJP पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘जितनी बड़ी चुनौती आज है, उतनी बड़ी कभी नहीं रही। हम संघर्ष से पीछे कभी नहीं हटेंगे। हमारे देश के बुनियादी उसूलों पर रोज हमले हो रहे हैं। आजादी पर हमला, मिली-जुली संस्कृति पर हमला हो रहा है।’ इस दौरान वह राजीव और इंदिरा को यादकर भावुक भी हुईं। उन्होंने राजनीति में आने की वजह और संघर्ष के बारे में विस्तार से बताया।
राजनीति से परिचय
सोनिया ने कहा, ‘राजीव जी से विवाह के बाद ही मेरा राजनीति से परिचय हुआ। इस परिवार में मैं आई। यह एक क्रांतिकारी परिवार था। इंदिरा जी इसी परिवार की बेटी थी, जिस परिवार ने स्वतंत्रता संग्राम के लिए अपना धन-दौलत और पारिवारिक जीवन त्याग दिया था। उस परिवार का एक-एक सदस्य देश की आजादी के लिए जेल जा चुका था। देश ही उनका मकसद था, देश ही उनका जीवन था।’
‘मुझे लगा, जैसे मेरी मां मुझसे छीन ली गई’
सोनिया ने कहा, ‘इंदिरा जी ने मुझे बेटी की तरह अपनाया। 1984 में उनकी हत्या हुई। मुझे ऐसा महसूस हुआ, जैसे मेरी मां मुझसे छीन ली गई। इस हादसे ने मेरे जीवन को हमेशा के लिए बदल डाला। उन दिनों मैं राजनीति को एक अलग नजरिए से देखती थी। मैं अपने पति और बच्चों को इससे दूर रखना चाहती थी लेकिन मेरे पति के कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी थी। उन्होंने कर्तव्य समझकर पीएम का पद स्वीकार किया। इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए उन्होंने दिन-रात एक किया। उनके साथ मैंने देश के कोने-कोने का दौरा किया और लोगों की समस्या को समझा।’
…इसलिए मैं राजनीति में आई
सोनिया ने कहा कि इंदिरा जी की हत्या के बाद सात साल ही बीते थे कि मेरे पति की भी हत्या कर दी गई। मेरा सहारा मुझसे छीना गया। इसके कई साल बीतने के बाद जब मुझे लगा कि कांग्रेस कमजोर हो रही है और सांप्रदायिक तत्व उभर रहे हैं, तब मुझे पार्टी के आम कार्यकर्ताओं की पुकार सुनाई दी। मुझे महसूस हुआ कि इस जिम्मेदारी को नकारने से इंदिरा और राजीव जी की आत्मा को ठेस पहुंचेगी इसलिए देश के प्रति अपने कर्तव्य को समझते हुए मैं राजनीति में आई।
उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस के पास शायद 3 राज्य सरकारें थीं। हम केंद्र सरकार से भी कोसों दूर थे। इस चुनौती का सामना किसी एक व्यक्ति का चमत्कार नहीं कर सकता था, इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत से एक के बाद एक राज्यों में सरकार बनी। उन्होंने कहा कि आप सबको धन्यवाद देती हूं कि आपने हर मोड़ पर मेरा साथ दिया। अध्यक्षता के शुरुआती वर्षों में हमने मिलकर पार्टी को एकजुट रखने की लड़ाई लड़ी।
मनमोहन सरकार की तारीफ
आगे कहा कि मनमोहन सिंह ने सरकार का नेतृत्व पूरी ईमानदारी और मेहनत से किया। हमने ऐसे कानून बनाए जो जनता के अधिकारों पर आधारित थे। 2014 से हम विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। जितनी बड़ी चुनौती आज है, उतनी बड़ी कभी नहीं रही। संवैधानिक मूल्यों पर हमला हो रहा है, पार्टी हार रही है। हम डरने वालों में से नहीं है, झुकने वाले नहीं है।
कांग्रेस को नसीहत
उन्होंने यह भी कहा कि अब कांग्रेस को भी अपने अंतर्मन में झांककर आगे बढ़ना पड़ेगा। अगर हम अपने उसूलों पर खरे नहीं उतरेंगे तो आम लोगों की रक्षा नहीं कर पाएंगे। किसी भी तरह के त्याग और बलिदान के लिए तैयार रहना पड़ेगा।
राहुल के बारे में कहा
सोनिया गांधी ने कहा, ‘युवा नेतृत्व के आने से पार्टी में नया जोश आएगा। राहुल बेटा है, उसकी तारीफ करना मुझे उचित नहीं लगता। इतना जरूर कहूंगी कि राजनीति में आने पर उसने एक ऐसे व्यक्तिगत हमले का सामना किया जिसने उसे निडर और मजबूत इंसान बनाया है। मुझे उसकी सहनशीलता पर गर्व है। साथियो, 20 साल गुजर रहे हैं, आज इस जिम्मेदारी को छोड़ते हुए सभी कांग्रेसजनों और देश के नागरिकों द्वारा दिए गए असीम प्यार, स्नेह के लिए शुक्रिया करती हूं।
-एजेंसी