गीतकार, शायर और पटकथा लेखक जावेद अख्तर का जन्मदिन आज

आज जाने-माने गीतकार, शायर और पटकथा लेखक जावेद अख्तर का जन्मदिन है। पिछले एक हफ्ते से वह अपनी बेगम के अब्बा हुजूर यानी ससुर कैफी आजमी के 100 वें जन्मदिन का जश्न मना रहे थे, वैसे यह जश्न देश-दुनिया में अब पूरे वर्ष चलता रहेगा, जिसके तहत अलग-अलग जगह पर म्यूजिकल प्रोग्राम आयोजित किए जा रहे हैं।
जावेद ने इसी जश्न के दौरान एक चर्चा में अपने बचपन की यादों को ताजा करते हुए बताया कि वह बचपन से ही इंकलाब के लिए मिर्च खाकर जेल जाने की तैयारी में जुट गए थे।
जावेद बताते हैं, ‘जब मैं छोटा था, तब हमारी मां बताती थी कि अभी इंकलाब आएगा और तुम्हें इंकलाब के लिए लड़ना होगा। लोग और मां बार-बार यह भी कहते कि इंकलाब के दौरान जेल भी जाना पड़ेगा। जब कभी घर के खाने में मुझे दाल पसंद न आती और मैं खाना खाने के दौरान न-नुकुर करता तो मां कहती अगर जेल में यही दाल मिली तो, उनकी बात सुनकर मैं चुपचाप खाना खा लेता था। पता नहीं मुझे किसने यह भी बता दिया था कि जेल में जो खाना मिलता है, उसमें मिर्च बहुत ज्यादा होती है, इसलिए मैं बचपन में ही खूब हरी मिर्च खाने की प्रैक्टिस करता कि जब जेल जाऊं तो मुझे खाने के दौरान ज्यादा तकलीफ न हो।’
तमाम लोगों से अपने नाम के गलत उच्चारण को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए जावेद कहते हैं, ‘मुझे उन लोगों से बड़ी शिकायत है, जो मुझे ज़ावेद कहकर बुलाते हैं, अरे मैं ज़ावेद नहीं हूं, मेरा नाम जावेद अख्तर है। मेरे नाम के ज में नुख्ता नहीं है भाई। कुछ लोगों को लगता है कि वह हर ज में नुख्ता लगाकर उर्दू बोल लेंगे। ऐसे ही कुछ लोग हर समय फ को फ़ कहते हैं। मैं यह मानता हूं हर किसी की जबान का तलफ्फुस हर रीजन में एकदम सही नहीं होता। उर्दू बोलने वाले तमाम हिंदी शब्दों का उच्चारण अपनी सहूलियत के हिसाब से गलत उच्चारण करते हैं, वैसे ही हिंदी भाषी उर्दू के उच्चारण में गलती करते हैं।’
जावेद अख्तर फिल्मों के गीतकार और पटकथा लेखक के अलावा सामाजिक कार्यकर्त्ता के रूप में भी एक प्रसिद्ध हस्ती हैं। जावेद का जन्म 17 जनवरी 1945 को ग्वालियर में हुआ था। पिता जां निसार अख्तर जाने-माने कवि और मां सफिया अख्तर उर्दू की टीचर थीं। जावेद का बचपन बड़ी मुश्किल में बीता, छोटी उम्र में ही मां का आंचल सर से उठ गया और उसके बाद वह लखनऊ में कुछ समय अपने नाना-नानी के घर पर रहे। बाद में उन्हें अलीगढ़ में अपने खाला के घर भेज दिया गया, जहां के स्कूल में उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई हुई। जावेद ने दो विवाह किए हैं। उन कि पहली पत्नी से दो बच्चे हैं फरहान अख्तर और जोया अख्तर। जावेद को भारत सरकार ने 2007 में पद्म भूषण से सम्मानित किया।
-एजेंसियां

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