कहीं शिप को अस्‍पताल में बदला गया है तो कहीं फुटबाल ग्राउंड को

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप की वजह से अस्‍पतालों में जगह की कमी हो गई है। इसको देखते हुए कई जगहों पर मेकशिफ्ट अस्‍पताल बनाए गए हैं। इसके तहत कहीं शिप को अस्‍पताल में बदला गया है तो कहीं पर फुटबाल के ग्राउंड में अस्‍थायी तौर पर अस्‍पताल बनाए गए हैं। कहीं-कहीं पर बड़े-बड़े होटलों को भी अस्‍पतालों में बदल दिया गया है। ये सभी कुछ कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्‍या को देखते हुए किया जा रहा है। ऐसा किसी एक देश में नहीं है बल्कि ऐसा करने वाले कई देश हैं। भारत में भी ऐसा ही कुछ किया गया है। आइये जानें कहां-कहां हुए हैं ऐसे इंतजाम।
ब्राजील: यहां के टॉप फुटबाल क्‍लब ने अपने स्‍टेडियम को स्‍वास्‍थ्‍य विभाग को इसलिए सौंप दिया है ताकी वहां पर कोरोना वायरस के मरीजों के लिए अस्‍थायी अस्‍पताल बनाया जा सके। आपको यहां पर बता दें कि ब्राजील में भी कोरोना वायरस तेजी से पांव पसार रहा है। यहां पर अब तक इसके 3477 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं 93 लोगों की मौत हो चुकी है। अन्‍य देशों की तुलना में यहां पर इस वायरस से होने वाली मौत का आंकड़ा काफी अधिक है।
आने वाले दिनों में इसके मरीजों की संख्‍या में जबरदस्‍त उछाल की आशंका के मद्देनजर यहां पर उस खतरनाक स्थिति से निपटने के लिए ही फुटबाल ग्रांउड को अस्‍पताल में तब्‍दील किया जा रहा है। आपको बता दें कि ब्राजील लेकिनट अमेरिका के उन देशों में से एक है जहां की आर्थिक हालत बेहद खराब है। यहां पर लोग छोटे और गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। यहां पर भूखमरी का स्‍तर पर भी काफी अधिक है। ऐसे में यदि इस पर जल्‍द ही कोई अंकुश नहीं लगाया जा सका तो स्थिति भयावह हो सकती है। ब्राजील के कुछ दूसरे शहरों में भी अस्‍पतालों में अतिरिक्‍त बेड की व्‍यवस्‍था की जा रही है।
फ्लेमिंगो क्‍लब ने भी अपने रियो द जेनेरियो स्थित मराकाना स्‍टेडियम को स्‍वास्‍थ्‍य विभाग को सौंप दिया है। वहीं ब्राजील में फिलहाल सभी फुटबाल मैच रद कर दिए हैं। क्‍लब के अध्‍यक्ष रोडोल्‍फो लेंडिम ने कहा है कि ये काफी बुरा समय है। इसमें खेल से ज्‍यादा हमें दूसरे लोगों पर ध्‍यान देने की जरूरत है। उन्‍होंने अपने एक मैसेज में अपने सभीप्रशंसकों का धन्‍यवाद भी किया है। ब्राजील के सबसे बड़े शहर साओ पाउलो में स्थित म्‍यूनिसिपल स्‍टेडियम में 200 बिस्‍तर वाला एक फील्‍ड अस्‍पताल तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा भी कुछ एक जगहों पर अस्‍थायी क्‍लीनिक बनाए गए हैं।
अमेरिका की नेवी ने अपने दो जहाज कोरोना वायरस के मरीजों की मदद करने के लिए दे दिए हैं। इनमें से एक का नामयूएसएनएस मर्सी (T-AH-19)है तो दूसरा यूएसएनएस कंफर्ट (T-AH-19)है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के मरीजों की संख्‍या के मामले में अमेरिका ने चीन को काफी पीछे छोड़ दिया है। यहां पर इनकी संख्‍या एक लाख के करीब पहुंच गई है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्‍या में मरीजों को संभालेन के लिए अमेरिका में अस्‍पताल और डॉक्‍टरों की कमी एक बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकती है। इसको देखते हुए ही नेवी के इन दो जहाजों की मदद ली गई है। ये समुद्री इलाकों के करीब बसे लोगों के लिए सबसे नजदीक के अस्‍पताल के तौर पर काम करेंगे। इन दोनोंजहाजों पर ऑपरेशन थियेटर तक की सुविधा उपलब्‍ध है।
जापान में चार‍ सितारा Ayre Gran Hotel Colón को एक अस्‍थायी अस्‍पताल में बदल दिया गया है। इसके 365 कमरों में अब इसमें पयर्टकों की जगह कोरोना वायरस के मरीज रखे जाएंगे। इस होटल में डाक्‍टरों की पूरी टीम दिन-रात काम करेगी और इस वायरस की चपेट में आने वाले लोगों की मदद करेगी। इस होटल के दो टावरों में मेडिकल की सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। इस अस्‍पताल को मुख्‍य रूप से कोरोना वायरस के माइल्‍ड केस के मरीजों के लिए तैयार किया गया है। आपको बता दें कि जापान में इसके अब तक 1500 मरीज सामने आ चुके हैं। एहतियात के तौर पर यहां पर कई तरह की पाबंदी लगाई गई हैं। अस्‍पतालों पर ज्‍यादा बोझ न डालते हुए यहां के होटल को भी अस्‍थायी अस्‍पताल बनाया गया है। ये होटल अब मरीज को आइसोलन में रखने का काम करेंगे।
इसके अलावा पूरे यूरोप में करीब एक दर्जन दूसरे होटल भी अब अस्‍पताल बन चुके हैं। यूरोप की सबसे बड़ी hospitality company Accor ने फ्रांस में बने अपने 40 होटल नर्सिंग स्‍टाफ के लिए खोलने का फैसला लिया है।दुनिया के सबसे बड़े क्रुज ऑपरेटर कार्निवल क्रूज लाइंस ने भी अपने कुछ जहाजों को अस्‍पताल में बदलने का फैसला लिया है। कंपनी ने इसके लिए अपने ऐसे जहाज देने का फैसला किया है जिनका फिलहाल इस्‍तेमाल नहीं हो रहा है। कंपनी के मुताबिक ये पानी पर तैरते अस्‍पताल होंगे। ये तबतक काम करते रहेंगे जब तक कोरोना वायरस की जंग में जीत नहीं मिल जाती है।
कुछ जहाजों को अस्‍पताल बनाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। कुछ में मरीजों के लिए जरूरी चिकित्‍सा सुविधा मुहैया करवाने का काम अपने अं‍तिम चरण में है तो कुछ ने काम करना शुरू भी कर दिया है। पानी पर तैरते अस्‍पतालों में मरीजों की निगरानी के लिए जगह जगह कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा कई दूसरी चीजों से इनकी मॉनिटरिंग की जाएगी।
-एजेंसियां

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