कभी इधर तो कभी उधर: मुलायम सिंह यादव आखिर हैं किसकी तरफ

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव किसकी तरफ हैं? इस सवाल का जवाब अभी तक नहीं मिल सका है। बुधवार को मुलायम सिंह यादव पार्टी मुख्यालय पहुंचे और युवा कार्यकर्ताओं से बात की। इसके पांच दिन पहले मुलायम सिंह समाजवादी पार्टी के विरोधी और अपने छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव के साथ मंच पर नजर आए थे। मुलायम का कभी शिवपाल की तरफ से बोलना तो कभी अपने बेटे और एसपी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ होना रहस्यमयी हो गया है।
मुलायम सिंह यादव पार्टी मुख्यालय में जिस समय कार्यकर्ताओं के साथ बात कर रहे थे, उसी समय शिवपाल अपने नए मिले सरकारी बंगले में गृह प्रवेश कर रहे थे। मुलायम ने युवा कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर चुनाव जीतना है तो बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करें। इसके साथ ही एसपी के वरिष्ठ नेता बेनी प्रसाद वर्मा के भाई की मौत पर शोक भी मनाया गया।
शिवपाल के एसपी से अलग होकर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाए जाने के बाद से मुलायम का पार्टी मुख्यालय में यह तीसरा दौरा था। इससे पहले मुलायम दिल्ली में हुई पार्टी की साइकल यात्रा में भी हिस्सा लेने पहुंचे थे। मुलायम न तो शिवपाल के बयान का सार्वजनिक तौर पर समर्थन कर रहे हैं और न ही उन्होंने यह घोषणा की है कि वह अपने बेटे अखिलेश की तरफ है। पार्टी सूत्रों की मानें तो पार्टी के नेताओं को इस मामले में कुछ भी बोलने की मनाही की गई है।
राजनीतिक विशेषज्ञ कहते हैं कि एसपी संरक्षक अपने पत्ते नहीं खोलेंगे। वह इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि शिवपाल और अखिलेश के बीच और दूरियां बढ़ेंगी या उनका फिर से मिलाप होगा। कुछ विश्लेषकों की मानें तो यह संदेह पार्टी को 2019 लोकसभा चुनाव में नुकसान पहुंचा सकता है। शिवपाल सिर्फ एक संसदीय सीट (जहां से मुलायम लड़ेंगे) छोड़कर सभी सीटों पर अपने 79 उम्मीदवार उतारेंगे।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *