सोलन हादसा: सेना के 13 जवानों सहित 14 शव निकाले

सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के कुमारहट्टी में रविवार दोपहर हुए दर्दनाक हादसे में अब तक सेना के 13 जवानों समेत 14 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। भारी बारिश के कारण यहां एक चार मंजिला इमारत ढह गई थी और पास में ढाबे के पास खाना खा रहे जवान इसकी चपेट में आ गए थे। उस वक्त मौके पर 42 लोग मौजूद थे, जिनमें 30 सैनिक भी थे। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जिन 28 लोगों को बचाया गया उनमें 17 जवान और 11 आम लोग हैं। मृतकों में इमारत के मालिक की पत्नी अर्चना भी शामिल है।
दरअसल, सैनिक खाना खाने के लिए यहां रुके थे और अनहोनी ऐसी हुई कि उसी वक्त इमारत जमींदोज हो गई। पुलिस ने सोमवार को बताया कि यह इमारत नाहन-कुमारहट्टी सड़क पर स्थित थी जो रविवार शाम की भारी बारिश के बाद गिर गई। इसमें एक रेस्त्रां भी था। लगातार भारी बारिश के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पंचकूला से नेशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम को बुलाया गया है।
परिजनों के साथ थे जवान
जानकारी के मुताबिक रास्ते से गुजर रहे सेना के जवान यहां खाना खाने के लिए रुके हुए थे, उसी दौरान यह हादसा हुआ। बताया गया कि सेना के जवानों के साथ उनके परिवार के लोग भी थे। सोलन के डेप्युटी कमिश्नर के सी चमन ने बताया है कि सेना के करीब 17 जवानों और 11 नागरिकों को निकाल लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सेना के 13 जवानों सहित 14 लोगों का शव अब तक मलबे से बाहर निकाला गया है। सोलन उपमंडल के मजिस्ट्रेट रोहित राठौर ने बताया कि कुछ और लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है। मलबे में फंसे लोगों की वास्तविक संख्या का पता बचाव अभियान खत्म होने के बाद ही चलेगा। ऐसी उम्मीद है कि यह बचाव अभियान शाम तक समाप्त हो जाएगा।
सीएम ने दिया मजिस्ट्रेट जांच का आदेश
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया और उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि यह इमारत तय निर्देशों के अनुसार नहीं बनी थी। उन्होंने कहा, ‘मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया गया है और रिपोर्ट मिलने के बाद उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि इस इमारत के मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
उन्होंने कहा, ‘राज्य में इस तरह की कई इमारतें हैं। नियमों का बिना पालन किए हुए मालिकों ने इसका निर्माण किया है। इसकी जांच के लिए जिस चीज की भी जरूरत है उसे किया जाएगा। बचाव अभियान अब भी जारी है। जरूरी उपकरण एक हेलिकॉप्टर की मदद से शिमला के सुन्नी से बचाव अभियान चलाने के लिए रविवार शाम ही मंगवा लिया गया था।’ उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे लोगों की वास्तविक संख्या का पता बचाव अभियान खत्म होने के बाद ही चलेगा।
एक घायल सैनिक ने संवाददाताओं को बताया कि यह इमारत जब गिरी उस दौरान यहां सेना के 35 कर्मी मौजूद थे जिनमें से 30 जूनियर कमिशन्ड अधिकारी (जेसीओएस) और पांच सैनिक थे। वहीं एक अन्य घायल सैनिक राकेश कुमार ने बताया कि घटना के समय सेना के कई कर्मियों समेत रेस्त्रां के कर्मी और अन्य ग्राहकों समेत करीब 50 लोग मौजूद थे।
बचाव अभियान जारी
लगातार भारी बारिश के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में मुश्किल हो रही है। इस बीच बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि उन्होंने बचाव कार्य को लेकर सीएम जयराम ठाकुर से बात की है और वह अभियान की निजी तौर पर निगरानी कर रहे हैं। शुरुआती इनपुट्स के मुताबिक सुरक्षा मानकों के आधार पर बिल्डिंग को नहीं बनाया गया था।
होगी जांच
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उम्मीद जताई है कि अगले कुछ घंटों में राहत एवं बचाव कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि घटना की जांच कराई जाएगी। इससे पहले CM ने ट्वीट किया था, ‘सोलन के समीप कुमारहट्टी में एक निजी होटल ढहने की अति दुःखद सूचना मिली है। राहत कार्य में NDRF की टीम सहित स्थानीय प्रशासन जुटा है। लोगों को सुरक्षित बचाने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।’
-एजेंसियां

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